अलीराजपुर में खनिज नीलामी पर सियासत: कांग्रेस ने ग्रामीणों से की चर्चा की; जमीन की खरीद-बिक्री की जांच की मांग

अलीराजपुर। खनिज नीलामी से प्रभावित आदिवासी गांवों की जमीन, जल-जंगल-जमीन और किसानों के अधिकारों को लेकर कांग्रेस ने आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में जोबट विधायक सेना महेश पटेल और आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने जोबट और उदयगढ़ ब्लॉक के प्रभावित गांवों के ग्रामीणों से चर्चा की।
जोबट विधायक कार्यालय में बैठक के बाद चंद्रशेखर आजाद नगर के डाक बंगले में भी ग्रामीणों के साथ रायशुमारी की गई। ग्रामीणों ने खनिज नीलामी और जमीन से जुड़े मुद्दों को नेताओं के सामने रखा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह मामला आदिवासी किसानों की जमीन और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा है।

महेश पटेल ने मंत्री नागर सिंह चौहान पर साधा निशाना
महेश पटेल ने कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि भाजपा की सरकार होने के बावजूद मंत्री को अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना और ज्ञापन क्यों देना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि एक कैबिनेट मंत्री की बात सरकार में नहीं सुनी जा रही है तो आम आदिवासी, किसान और गरीब की सुनवाई कैसे होगी। महेश पटेल ने कहा कि मंत्री को कलेक्टर कार्यालय के बजाय कैबिनेट में मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि जिले को सूखाग्रस्त घोषित करवाना है तो कैबिनेट में प्रस्ताव रखकर मुख्यमंत्री से फैसला करवाना चाहिए।
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा से मांगा जवाब
महेश पटेल ने कहा कि पहले कांग्रेस पर किसानों को गुमराह करने और अफवाह फैलाने के आरोप लगाए गए। अब भाजपा के ही मंत्री और पदाधिकारी इसी मुद्दे को लेकर धरना दे रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि कांग्रेस गलत थी तो भाजपा नेता उसी विषय को लेकर आंदोलन क्यों कर रहे हैं।
आदिवासी जमीन के मुद्दे पर संघर्ष का ऐलान
जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने कहा कि आदिवासी समाज की जमीन उसकी पहचान और आजीविका से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि जमीन से जुड़े किसी भी मामले में पारदर्शिता और किसानों के अधिकारों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
विधायक ने कहा कि आदिवासी किसानों की जमीन की लड़ाई विधानसभा में भी लड़ी जाएगी। जरूरत पड़ने पर सड़क पर उतरकर आंदोलन भी किया जाएगा।

विधानसभा में उठेगा मुद्दा
सेना महेश पटेल ने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में खनिज नीलामी से प्रभावित क्षेत्रों और जमीन के स्वामित्व का मुद्दा उठाया जाएगा। इस विषय पर विधानसभा में प्रश्न लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आदिवासी विधायकों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
जमीन खरीद-बिक्री की जांच की मांग
महेश पटेल ने आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े मामलों की जांच की मांग भी की। उन्होंने कहा कि संदिग्ध परिस्थितियों में हुई जमीन की खरीद-बिक्री और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच होनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर कांग्रेस प्रशासन से लेकर न्यायालय तक इस मुद्दे को उठाएगी।
जल-जंगल-जमीन की लड़ाई जारी रखने का दावा
महेश पटेल ने कहा कि कांग्रेस आदिवासी किसानों की आवाज दबने नहीं देगी। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन के सवाल पर कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी। आदिवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई गांव से लेकर विधानसभा तक जारी रहेगी।
बैठक में प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। कांग्रेस नेताओं ने प्रभावित गांवों में जनसंवाद बढ़ाने और आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की बात कही।