अखिलेश यादव ने कलाकारों को दिए 51-51 हजार: बोले- अब सीधे भगवान को देंगे दान; बीच में नहीं आएगा “चंपत”

लखनऊ। सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तंज कसा। कलाकारों के सम्मान और उनके राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने एक आर्थिक रूप से कमजोर कलाकार की प्रतिभा का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए किया। साथ ही कलाकारों के सम्मान की अनदेखी की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे में कलाकार को हनुमान बनाया
अखिलेश यादव ने कहा कि कुछ दिन पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लखनऊ दौरा हुआ था। तब कलाकार से भगवान हनुमान का स्वरूप धारण कर रथ के आगे नृत्य कराया गया था। उनका कहना है कि इस घटना से बजरंगबली के श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कलाकार का कोई दोष नहीं है। आर्थिक मजबूरी के कारण वह ऐसा करने को विवश था।

भाजपा सरकार में कलाकारों का उचित सम्मान नहीं
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में कलाकारों, साहित्यकारों और पत्रकारों को उचित सम्मान और मंच नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि रचनात्मक अभिव्यक्ति समाज को नई दिशा देती है। भाजपा की राजनीति रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के बजाय उसका राजनीतिक उपयोग करती है।

आर्थिक तंगी से जूझ रहे कलाकार की सहायता की
अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी ने आर्थिक तंगी से जूझ रहे संबंधित कलाकार की आर्थिक सहायता की है। भविष्य में भी जरूरत पड़ने पर सहयोग जारी रखा जाएगा। जिससे वह अपने परिवार की समस्याओं का सामना कर सके।

कलाकारों को हर महीने देंगे एक लाख
उन्होंने कहा कि कला समाज में सहिष्णुता, सद्भाव और समानता का संदेश देती है। सपा प्रमुख ने दावा किया कि उनकी सरकार के दौरान कलाकारों को सम्मान और आर्थिक सहयोग दिया गया था। उन्होंने कहा कि भविष्य में सरकार बनने पर कलाकारों के सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाया जाएगा। उत्तर प्रदेश से जुड़े विशिष्ट प्रतिभावानों को ‘यश भारती सम्मान’ और एक लाख रुपये प्रतिमाह देने की योजना लागू की जाएगी।