अजिंक्य रहाणे ने कहा इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा: सभी फ़ॉर्मेट से संन्यास का ऐलान, इंस्टाग्राम पर लिखा- कैप 278 अब विदा ले रहा

भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज़ अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट और सभी फ़ॉर्मेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। बुधवार को उन्होंने अपने ऑफिसियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, कैप 278 अब विदा ले रहा है। इतने सालों तक मिले प्यार और सपोर्ट के लिए शुक्रिया, हमेशा आभारी रहूंगा। रहाणे के इस फैसले के साथ भारतीय क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण अध्याय खत्म हो गया है। लंबे समय तक वे भारतीय टेस्ट टीम के मिडिल आर्डर की मजबूत कड़ी रहे और विदेशों में कई यादगार पारियां खेलीं।
विदेशी दौरों पर कई ऐतिहासिक पारियों से बनाई अलग पहचान
रहाणे भारतीय टेस्ट क्रिकेट में अपनी शानदार बल्लेबाज़ी के लिए पहचाने जाते है। इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूज़ीलैंड जैसी कठिन परिस्थितियों में उन्होंने भारत के लिए कई महत्वपूर्ण पारियां खेलीं।
ऑस्ट्रेलिया में कप्तानी कर दिलाई थी ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत
वर्ष 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर नियमित कप्तान विराट कोहली की अनुपस्थिति में रहाणे ने टीम की कमान संभाली थी। उनकी कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर हराकर ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज अपने नाम की थी, जिसे उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है।
लंबे समय से टीम से बाहर चल रहे थे रहाणे
पिछले कुछ वर्षों से रहाणे को भारतीय टीम में खेलने का मौका नहीं मिल रहा था। चयनकर्ताओं की योजनाओं में लगातार जगह नहीं मिलने के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी वापसी की संभावनाएं कम होती जा रही थीं। ऐसे में उन्होंने अपने लंबे और सम्मानजनक करियर को औपचारिक रूप से समाप्त करने का फैसला किया।
क्रिकेट जगत और प्रशंसकों ने दी भावुक विदाई
संन्यास की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर क्रिकेट के फैंस और पूर्व खिलाड़ियों ने रहाणे को शानदार करियर के लिए शुभकामनाएं दीं। कई प्रशंसकों ने उन्हें भारतीय टेस्ट क्रिकेट का शांत, अनुशासित और भरोसेमंद योद्धा बताते हुए उनके योगदान को याद किया।
तीनों फ़ॉर्मेट में किया भारत का प्रतिनिधित्व
अजिंक्य रहाणे ने भारत के लिए टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों फ़ॉर्मेट में क्रिकेट खेला। उन्होंने अपने करियर में कई यादगार शतक लगाए और टीम इंडिया की अनेक महत्वपूर्ण जीतों में अहम भूमिका निभाई। भारतीय क्रिकेट इतिहास में उनका नाम हमेशा एक टीम-फर्स्ट, धैर्यवान और जिम्मेदार बल्लेबाज़ के रूप में याद किया जाएगा।