यूआईडीएआई ने जारी की ‘आधार दृष्टिकोण-2032’ की रूपरेखा, एआई और ब्लॉकचेन से होगी सुरक्षित डिजिटल पहचान मजबूत

नई दिल्ली, 31 अक्टूबर 2025
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने देश की डिजिटल पहचान को और अधिक सुरक्षित, आधुनिक और विश्वसनीय बनाने के लिए ‘आधार दृष्टिकोण-2032’ (Aadhaar Vision 2032) की रूपरेखा जारी की है। इस नई कार्ययोजना का उद्देश्य एआई (Artificial Intelligence), ब्लॉकचेन (Blockchain), क्वांटम कंप्यूटिंग (Quantum Computing) और एडवांस एन्क्रिप्शन (Advanced Encryption) जैसी उन्नत तकनीकों के माध्यम से भविष्य की डिजिटल पहचान को मजबूत करना है।
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने बताया कि यह रूपरेखा भारत की डिजिटल पहचान ईकोसिस्टम (Digital Identity Ecosystem) को पुनर्परिभाषित करेगी और अगले दशक में डिजिटल शासन की नई दिशा तय करेगी। मंत्रालय ने कहा कि यह दृष्टिकोण भारत के डिजिटल ढांचे को अधिक सुरक्षित, समावेशी और जन-केंद्रित बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
रिपोर्ट के अनुसार, इस रूपरेखा को प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विशेषज्ञों की एक उच्च-स्तरीय समिति द्वारा तैयार किया गया है। समिति ने सुनिश्चित किया है कि आधार प्रणाली को डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (DPDP Act) और वैश्विक साइबर सुरक्षा मानकों (Global Cyber Security Standards) के अनुरूप बनाया जाए।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘आधार दृष्टिकोण-2032’ का फोकस तकनीकी उत्कृष्टता बनाए रखने, साइबर खतरों से सुरक्षा, और लाखों नागरिकों की डिजिटल पहचान की गोपनीयता को सुरक्षित रखने पर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल भारत की डिजिटल पहचान प्रणाली को सशक्त करेगी बल्कि ई-गवर्नेंस, फिनटेक और डेटा सुरक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति लाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।






