पीएम-सेतु योजना देश के युवाओं को वैश्विक कौशल आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करेगी: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पीएम-सेतु योजना भारत के युवाओं को दुनिया की बदलती कौशल आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करेगी। नई दिल्ली में आयोजित कौशल दीक्षांत समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार परिवर्तन (पीएम-सेतु) योजना की शुरुआत की।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत देशभर के एक हज़ार से अधिक आईटीआई संस्थानों को उन्नत किया जाएगा, उन्हें आधुनिक मशीनों और नई तकनीकों से लैस किया जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के आईटीआई न केवल औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की कार्यशालाएं भी हैं।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने 62 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक की युवा-केंद्रित योजनाओं की भी घोषणा की, जिनका उद्देश्य शिक्षा, कौशल और उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार कौशल और नवाचार पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि युवा शक्ति भविष्य के अवसरों के लिए तैयार हो सके। उन्होंने भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर को याद करते हुए कहा कि उनके नाम पर स्थापित हो रहा कौशल विश्वविद्यालय उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाएगा।
श्री मोदी ने साथ ही बिहार की मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का भी शुभारंभ किया, जिसके तहत हर साल लगभग पांच लाख स्नातक युवाओं को दो साल तक एक हजार रुपये मासिक भत्ता और मुफ्त कौशल प्रशिक्षण मिलेगा।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 400 नवोदय विद्यालयों और 200 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में स्थापित 1,200 व्यावसायिक कौशल प्रयोगशालाओं का भी उद्घाटन किया।






