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बंजर पहाड़ी ने ओढ़ी हरियाली की चादर: 3 साल में आकार लेने लगा सिटी फॉरेस्ट; 2 करोड़ से ज्यादा खर्च, सुविधाओं का काम जारी

धार। शहर को हरियाली और प्राकृतिक पर्यटन का नया केंद्र देने के उद्देश्य से जमनजत्ती पहाड़ी पर विकसित किया जा रहा सिटी फॉरेस्ट तीन साल के प्रयासों के बाद अब आकार लेने लगा है। कभी बंजर नजर आने वाली पहाड़ी पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण के बाद अब हरियाली दिखाई देने लगी है। परियोजना पर अब तक दो करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। पौधरोपण के साथ ही आम लोगों के लिए जरूरी अधोसंरचना विकसित करने का काम भी जारी है।

50 हेक्टेयर में विकसित हो रहा नगर वन
करीब 50 हेक्टेयर यानी 200 बीघा क्षेत्र में विकसित किए जा रहे सिटी फॉरेस्ट का उद्देश्य शहरवासियों को प्राकृतिक वातावरण में पैदल भ्रमण, मनोरंजन और सुकून का स्थान उपलब्ध कराना है। शहर में जमीन की कमी के चलते जमनजत्ती पहाड़ी को इसके लिए चुना गया। पहाड़ी के दोनों ओर पानी की उपलब्धता भी है।

सन डायल से रोज गार्डन तक होंगे आकर्षण
सिटी फॉरेस्ट में सन डायल, सेल्फी गार्डन, कैक्टस गार्डन और रोज गार्डन सहित कई आकर्षण विकसित किए जाने हैं। फिलहाल प्रवेश द्वार और सीतापाट तालाब की ओर एक बगीचा तैयार किया गया है। बच्चों के मनोरंजन के लिए खेल सामग्री भी लगाई गई है। हालांकि परियोजना के कुछ हिस्सों में काम की गति अभी धीमी है।

नक्षत्र वाटिका और नमो उद्यान में सूख गए कई पौधे
सिटी फॉरेस्ट के शुरुआती चरण में वन विभाग ने यहां नक्षत्र वाटिका और नमो उद्यान भी विकसित किए थे। हालांकि वर्तमान में इन स्थानों पर लगाए गए कई पौधे सूख चुके हैं। सिंचाई और रखरखाव की कमी के कारण पौधे अपेक्षित रूप से विकसित नहीं हो सके।

मिट्टी की कम गहराई से नहीं पनप पाए पौधे
डीएफओ टी. विजयानथन के अनुसार नक्षत्र वाटिका पहाड़ी की सतह पर बनाई गई थी। यहां मिट्टी की गहराई कम होने के कारण पौधों को पर्याप्त आधार नहीं मिल पाया। शुरुआती दौर में पानी की कमी भी पौधों के विकास में बाधा बनी। अब नक्षत्र वाटिका की सामग्री को नीचे लाकर इसे नए सिरे से विकसित करने की तैयारी है।

आने वाले महीनों में बढ़ेंगी सुविधाएं
वन विभाग के अनुसार सिटी फॉरेस्ट में पौधरोपण के साथ उनके रखरखाव और विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। आने वाले महीनों में आम लोगों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की योजना है। परियोजना पूरी होने के बाद यह क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा देने वाला स्थल बन सकेगा।

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