| | | |

भोपाल में मेधावी छात्रों के हाथ में स्कूटी की चाबी: CM बोले- सपने बड़े रखें; युवा संभालेंगे देश की जिम्मेदारी

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरण कार्यक्रम में कहा कि गरीब परिवार में जन्म लेना किसी बच्चे की मंजिल तय नहीं करता। प्रतिभा, योग्यता और मेहनत के दम पर विद्यार्थी बड़े से बड़ा मुकाम हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्कूटी विद्यार्थियों के लिए सिर्फ आने-जाने की सुविधा नहीं, बल्कि उनकी मेहनत और उपलब्धि का सम्मान भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए सरकार अवसर और संसाधन बढ़ा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों के सपनों का जिक्र करते हुए कहा कि कोई सीए बनना चाहता है, कोई डॉक्टर-इंजीनियर तो कोई वकील बनने का सपना देख रहा है। उनके मुताबिक युवाओं की बदलती सोच मध्यप्रदेश के बदलते स्वरूप को भी दर्शाती है।

38 हजार करोड़ रुपए का स्कूल शिक्षा बजट
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्कूल शिक्षा के लिए करीब 38 हजार करोड़ रुपए का बजट है। वहीं राज्य का कुल बजट करीब 4.38 लाख करोड़ रुपए बताया। उन्होंने प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट में सुधार और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के मेरिट में बेहतर प्रदर्शन का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत सरकारी स्कूलों में कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी खरीदने के लिए राशि दी जा रही है। इस साल 7,400 से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलने की जानकारी सामने आई है।

बोले- कोयले की खदान से भी हीरे निकलते हैं
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक अभाव प्रतिभा की राह में दीवार नहीं बनना चाहिए। कठिन परिस्थितियों से निकलकर सफलता हासिल करने वाले विद्यार्थियों की उपलब्धि का महत्व और बढ़ जाता है।

इसी संदर्भ में उन्होंने कहा, “कोयले की खदान से भी हीरे निकलते हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत जारी रखने और अपनी प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

आज स्कूटी, कल समाज और देश की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि आज सरकार उन्हें स्कूटी दे रही है, लेकिन आने वाले समय में यही युवा समाज, प्रदेश और देश की जिम्मेदारियां संभालेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा और मेहनत के जरिए आगे बढ़ने तथा भविष्य में देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

जनधन, DBT और कोविड टीकाकरण का भी जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जनधन खाते, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और कोविड टीकाकरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने इन उदाहरणों के जरिए सरकारी योजनाओं में डिजिटल व्यवस्था और लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंचाने की व्यवस्था की बात रखी।ओं में डिजिटल व्यवस्था और लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंचाने की व्यवस्था की बात रखी।

Share