पीथमपुर में प्रतिभा सिंटेक्स के 133 श्रमिक पहुंचे श्रम कार्यालय: जबरन ट्रांसफर का आरोप; प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग

पीथमपुर। प्रतिभा सिंटेक्स कंपनी के करीब 133 श्रमिक गुरुवार को अपनी मांगों को लेकर श्रम कार्यालय पहुंचे। श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन पर बदले की भावना से जबरन ट्रांसफर करने का आरोप लगाते हुए श्रम अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि कोर्ट के अंतिम आदेश तक उन्हें कंपनी के पीथमपुर स्थित प्लांटों में ही काम करने दिया जाए।
यूनियन रजिस्ट्रेशन के आवेदन के बाद ट्रांसफर का आरोप
श्रमिक प्रतिनिधि रविंद्र आंजने ने बताया कि श्रमिकों ने नियमों के तहत भोपाल कार्यालय में यूनियन रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया था। उनके मुताबिक, भोपाल से जांच के आदेश जारी होने के बाद कंपनी प्रबंधन ने नाराज होकर कई श्रमिकों का ट्रांसफर कर दिया।
श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें राऊ स्थित प्लांट नंबर-8 भेजा गया है, जो उनके अनुसार किराए का गोदाम है। श्रमिक प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि वे राऊ के गोदाम में काम करने नहीं जाएंगे।
हाईकोर्ट के आदेश का हवाला
श्रमिक प्रतिनिधियों ने इस मामले में हाईकोर्ट के निर्देशों का भी हवाला दिया। उनका कहना है कि कोर्ट ने अगले आदेश तक श्रमिकों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई या दबाव नहीं बनाने के निर्देश दिए हैं। श्रमिकों ने श्रम अधिकारी से मांग की कि जब तक मामले में अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक उन्हें प्रतिभा सिंटेक्स के प्लांट नंबर-2, 6 या 4 में ही काम पर रखा जाए।
श्रम विभाग ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया
श्रम अधिकारी ध्रुव सिंह ने बताया कि प्रतिभा सिंटेक्स के करीब 133 श्रमिकों ने ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याएं और मांगें बताई हैं। मुख्य मुद्दा श्रमिकों को राऊ में शिफ्ट करने और ट्रांसफर से जुड़ा है।
उन्होंने बताया कि श्रमिकों का पक्ष सुनने के बाद कंपनी प्रबंधन को भी बातचीत के लिए बुलाया गया है। दोनों पक्षों की मौजूदगी में चर्चा कराकर मामले का उचित और जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।