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उज्जैन के खड़े हनुमान का समर्थन करने पहुंची साध्वी हर्षानंद: बोलीं- बाबा को यहीं रहने दें; मूर्ति हटाने के चार प्रयास हो चुके है फेल 

उज्जैन। खड़े हनुमान मंदिर का समर्थन करने के लिए साध्वी हर्षानंद भी मंदिर आई। उन्होंने कहा कि प्रशासन सड़क चौड़ीकरण का काम करें, लेकिन बाबा को यहीं रहने दें।

मध्य प्रदेश के साथ गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मंदिर को हटाने और प्रतिमा के नहीं हटने से जुड़े वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।

प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाते हुए बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात किया है। मंदिर का अधिकांश हिस्सा टूट चुका है, जबकि प्रतिमा फिलहाल टेंट में सुरक्षित रखी गई है।

खडे-खडे हनुमान चालीसा का पाठ करा
साध्वी हर्षानंद ने खडे हनुमान के दर्शन कर खडे-खडे हनुमान चालीसा का पाठ करा।  उसके बाद उन्होंने मीडिया से कहा बाबा तो बिना मांगे बहुत कुछ दे देते हैं और हम तो उनसे यही कहेंगे कि हमें इतनी हिम्मत दें कि हम उनके लिए आवाज़ उठा सकें, क्योंकि मनुष्य है, कहीं न कहीं बहुत सारी मर्यादाओं में फँस के कभी-कभी वाज़ दब जाती है तो वो आवाज़ न दबे और पूरी जोश से, पूरी श्रद्धा से हम इतने समर्थवान हो जाएँ कि उनके लिए आवाज़ उठा पाएँ।

विकास के लिए कोई विरोध नहीं
साध्वी ने कहा 2028 सिंहस्थ को लेकर सरकार जो भी कार्य कर रही है, हम सरकार के साथ हैं। हम सरकार के कार्य में किसी भी तरीके की कोई विघ्न उत्पन्न नहीं करना चाहते हैं, लेकिन उसके साथ ही यहां पर चार प्रयास हो चुके हैं, मंदिर-विग्रह हटाने की। अब हम चाहते हैं कि और प्रयास न हों और पूरा शहर जो है, आप चौड़ा करवाइए, उसका निर्माण करवाइए, उसमें व्यवस्थाएँ करवाइए, इस मंदिर को अभी हम छोड़ देते हैं और इस मंदिर को अच्छा-सा रूप देके, इसका फिर से निर्माण करते हैं।

विकल्प निकाले, पर बाबा को मत हटाइए
उन्होंने आगे कहा कि “मैं उज्जैन लोकल से हूँ। आपने देखा होगा, नीलगंगा जो क्षेत्र है, नीलगंगा से लोटी स्कूल वाला जो क्षेत्र है, वहाँ पर बीच में एक चिमनी आ रही है। सबको ज्ञात होगा, उस चिमनी को नहीं हटाया गया, प्रशासन ने उसके आसपास से रोड निकाला। वहाँ पर भगवान हनुमान जी महाराज का भी मंदिर है, तो उसको डिवाइडर में कन्वर्ट किया गया। तो भैया, उधर भी रोड है, इधर भी रोड है, बाबा मध्य में विराजमान हैं। तो जब वहाँ चिमनी के लिए रोड अलग से निकल सकता है, तो मेरा प्रशासनिक लोगों से हाथ जोड़ के, दंडवत प्रणाम करके निवेदन है कि यहाँ भी कुछ विकल्प निकाले, पर बाबा को मत हटाइए।

आज दुबारा आ सकती है IIT टीम
खड़े हनुमान की प्रतिमा को हटाने की कोशिशों के बीच अब वैज्ञानिक जांच पर नजर है। प्रतिमा की स्थिति और जमीन से जुड़े पहलुओं को समझने के लिए IIT इंदौर की टीम सोमवार को मंदिर पहुंची थी। विशेषज्ञों ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक जांच की थी।

आज फिर हो सकता है निरीक्षण 
अब टीम गुरुवार को दोबारा मंदिर पहुंचकर प्रतिमा और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण कर सकती है। इस जांच के बाद प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित करने को लेकर आगे की प्रक्रिया तय होने की उम्मीद है।

प्रशासन ने किया प्रेस नोट जारी
सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच बुधवार को जिला प्रशासन ने स्थिति साफ की। प्रशासन ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि अब तक प्रतिमा को हटाने या स्थानांतरित करने की कोई कोशिश नहीं की गई है।

धार्मिक विरासत को सर्वोच्च प्राथमिकता
अधिकारियों के अनुसार श्रद्धालुओं की आस्था, प्रतिमा की सुरक्षा और शहर की धार्मिक विरासत को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशासन ने प्रतिमा को हटाने के कई प्रयास किए जाने संबंधी सोशल मीडिया खबरों को भ्रामक बताया है।

प्रशासन के प्रेस नोट को बताया झूठा 
प्रशासन के प्रेस नोट के बाद खड़े हनुमान मंदिर से जुड़े कुछ भक्तों ने आपत्ति जताई। शैलू यादव का कहना है कि प्रतिमा को हटाने की कोशिशों के कई वीडियो उनके पास मौजूद हैं और जरूरत पड़ने पर वे अधिकारियों को दिखा सकते हैं।

अधिकारी की मौजूदगी में प्रतिमा के पास गड्ढा खोदा गया 
उनका कहना है कि नगर निगम अधिकारी हिमांशु तिवारी की मौजूदगी में प्रतिमा के पास गड्ढा खोदा गया था। इसके बाद पुरातत्व विभाग की टीम पहुंची और रात में कटर मशीन भी लाई गई। भक्तों ने प्रशासन से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए प्रतिमा को यथास्थान रखने की मांग की है। बता दें कि बीते दो दिनों में 35 से 40 हजार लोग प्रतिमा के दर्शन कर चुके हैं।

बुधवार संत और कांग्रेसी भी पहुंचे
खड़े हनुमान मंदिर से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बुधवार शाम यहां श्रद्धालुओं के साथ साधु-संतों का पहुंचना भी शुरू हो गया। इसी के साथ कांग्रेस विधायक महेश परमार और दिनेश जैन बोस सहित कई नेता-कार्यकर्ता मंदिर पहुंचे। सभी ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद नेताओं ने प्रतिमा को हटाने की कार्रवाई का विरोध जताया। मंदिर परिसर में इस दौरान भक्तों की भीड़ बनी रही।

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