बिहार में बाढ़ का कहर: 14 जिलों में 41 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, 517 पंचायतों में पानी; गंगा ने तोड़ा 2021 का रिकॉर्ड

पटना। बिहार में पिछले पांच दिनों से लगातार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई है। राज्य के 14 जिलों में 41.45 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। 84 ब्लॉक की 517 ग्राम पंचायतों में पानी भर गया है। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। हालात को देखते हुए राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए 27 SDRF और 10 NDRF टीमें मैदान में उतारी गई हैं।
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश का असर भी नदियों के जलस्तर पर पड़ा है। सितंबर में अब तक बिहार में 83.6 मिमी बारिश हो चुकी है। यह सामान्य से करीब 24% ज्यादा है। अगले दो दिनों में भी बारिश का अनुमान है।

गंगा का जलस्तर पिछले रिकॉर्ड से ऊपर
भागलपुर के सुल्तानगंज में बुधवार सुबह 9 बजे गंगा का जलस्तर 36.78 मीटर दर्ज किया गया। यह 17 अगस्त 2021 को दर्ज किए गए 36.75 मीटर के पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर से ज्यादा है। फिलहाल गंगा का जलस्तर स्थिर बताया गया है। वहीं गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा नदियां भी कई जगह खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
793 कम्युनिटी किचन शुरू
बाढ़ प्रभावित लोगों तक खाना और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए 793 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं। वहीं 15 राहत शिविरों में 13,446 लोग रह रहे हैं। राहत शिविरों में भोजन, रहने की जगह, इलाज और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
1,872 नावें लगाई गईं
लोगों को सुरक्षित निकालने और आवाजाही के लिए 1,872 नावें लगाई गई हैं। करीब 29,400 सूखे राशन के पैकेट बांटे गए हैं। पशुओं के लिए 5,464 क्विंटल चारा और करीब 2,000 पॉलीथिन शीट भी बांटी गई हैं।

फसलों के नुकसान का होगा आकलन
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का जल्द आकलन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से किसानों को हर संभव मदद देने को कहा है।