| |

लद्दाख की नई UT बॉडी में कानून-व्यवस्था किसके हाथ?: नेताओं ने MHA से मांगी स्पष्टता; जमीन-पर्यावरण पर मिलेंगे अधिकार

श्रीनगर। लद्दाख में एक नई निर्वाचित UT बॉडी बनाने को लेकर केंद्र सरकार और स्थानीय नेताओं के बीच बातचीत जारी है। बुधवार को दिल्ली में गृह मंत्रालय (MHA) के अधिकारियों और लद्दाख के नेताओं के बीच बैठक हुई। बैठक में नई बॉडी के अधिकारों को लेकर चर्चा हुई। सबसे बड़ा सवाल कानून-व्यवस्था और पुलिस को लेकर रहा। लद्दाख के नेताओं ने पूछा कि इसकी जिम्मेदारी किसके पास होगी।

नई बॉडी को किन मामलों में अधिकार मिलेंगे
MHA के अनुसार, प्रस्तावित बॉडी का चुनाव सीधे जनता करेगी। इसे कई अहम मामलों में फैसले लेने का अधिकार मिलेगा।

  • जमीन से जुड़े मामले
  • भाषा और संस्कृति
  • जंगल और पर्यावरण
  • प्राकृतिक संसाधन
  • बजट और विकास की योजना
  • UT के दूसरे जरूरी विषय

बॉडी के पास विकास की योजना बनाने और पैसे से जुड़े फैसले लेने के अधिकार भी होंगे।

सबसे बड़ा सवाल कानून-व्यवस्था पर
लद्दाख के नेताओं का कहना है कि कानून-व्यवस्था को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है। LAB और KDA की मांग है कि पुलिस और कानून-व्यवस्था चुनी हुई सरकार के नियंत्रण में हो। नेताओं ने पुडुचेरी का उदाहरण भी दिया और इस मामले में साफ नियम की मांग की।

नई बॉडी बनने से पहले बड़े बदलाव न हों
LAB और KDA ने कहा कि जब तक नई निर्वाचित बॉडी नहीं बनती, तब तक लद्दाख की शासन व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया जाना चाहिए। जमीन के हस्तांतरण और दूसरे महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसलों को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई।

नेताओं ने कहा कि अगर ऐसे बड़े और स्थायी बदलाव किए गए तो वे जन आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर हो सकते हैं।

2025 के आंदोलन का मुद्दा भी उठा
बैठक में सितंबर 2025 के आंदोलन पर भी चर्चा हुई। MHA ने आंदोलन में मारे गए लोगों और घायलों के लिए मुआवजा देने की बात कही।

24 सितंबर 2025 को लेह में प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में 4 लोगों की मौत हुई थी और 80 लोग घायल हुए थे। यह प्रदर्शन लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर हुआ था। LAB और KDA ने इस मामले में दर्ज सभी केस तुरंत वापस लेने की मांग की है। MHA ने कहा कि इस मामले को देखा जा रहा है।

MHA और लद्दाख के नेताओं के बीच अगली बैठक अक्टूबर के पहले हफ्ते में होगी। इस बैठक में लद्दाख के लिए प्रस्तावित नए संवैधानिक प्रावधान के ड्राफ्ट पर चर्चा होगी। MHA कुछ दूसरे मुद्दों पर भी LAB और KDA से राय ले सकता है।

लद्दाख के नेताओं की मुख्य मांगें

  • चुनी हुई UT बॉडी को ज्यादा अधिकार मिलें।
  • कानून-व्यवस्था चुनी हुई सरकार के पास हो।
  • नई बॉडी बनने से पहले जमीन और शासन व्यवस्था में बड़े बदलाव न हों।
  • सितंबर 2025 के आंदोलन से जुड़े केस वापस लिए जाएं।

लद्दाख को ज्यादा अधिकार वाली चुनी हुई बॉडी देने पर केंद्र से बातचीत आगे बढ़ रही है। जमीन, संस्कृति और पर्यावरण जैसे मुद्दों पर अधिकार देने की बात साफ है। लेकिन कानून-व्यवस्था और पुलिस का नियंत्रण किसके पास रहेगा, यह अभी तय नहीं हुआ है।

Share