उज्जैन में 4 हजार बैंककर्मी करेंगे प्रदर्शन: 5 डे बैंकिंग की मांग; 11 सितंबर को पूरे देश में होगी हड़ताल

उज्जैन। देशभर में 11 सितंबर को बैंकिंग सेवाओं बंद रहेगी। 5 डे बैंकिंग लागू करने की मांग को लेकर सरकारी बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे।
यूनियनों के मुताबिक 12 लाख बैंककर्मी इसमें शामिल होंगे। उज्जैन में 297 शाखाओं के 4 हजार से ज्यादा कर्मचारी टावर चौक पर एकत्र होकर रैली निकालेंगे। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई है।
ढाई साल गुजरने के बाद भी जारी नहीं हुई अधिसूचना
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के सह-संयोजक और इंडियन ओवरसीज बैंक यूनियन मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के महासचिव विपिन सिंह ने बताया कि 8 मार्च 2024 को बैंक यूनियनों और सरकार के बीच 5 दिवसीय कार्य सप्ताह को लेकर सहमति बनी थी। इसके बावजूद ढाई साल गुजरने के बाद भी वित्त मंत्रालय ने अधिसूचना जारी नहीं की। इसी देरी के विरोध में बैंक कर्मचारी अब हड़ताल का कदम उठा रहे हैं।
कल टावर चौक पर प्रदर्शन
11 सितंबर को उज्जैन में 5 डे बैंकिंग की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन होगा। शहर की 297 बैंक शाखाओं में कार्यरत 4 हजार से अधिक कर्मचारी और अधिकारी टावर चौक पर जुटेंगे। इसके बाद रैली निकालकर विरोध जताया जाएगा। देशभर में 12 लाख बैंककर्मी हड़ताल पर रहेंगे। कर्मचारी एक दिन का वेतन कटवाकर आंदोलन में शामिल होंगे।
तीन दिन बैंकिंग सेवाओं पर पड़ेगा असर
11 सितंबर की हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज प्रभावित हो सकता है। यूनियनों ने ग्राहकों से अपील की है कि वे जरूरी लेन-देन और अन्य बैंकिंग कार्य पहले ही पूरे कर लें। हालांकि मोबाइल बैंकिंग सेवाएं चालू रहेंगी। साथ ही एटीएम में पर्याप्त कैश उपलब्ध रखने के लिए भी जरूरी इंतजाम किए जाएंगे।
सरकार नहीं मानी तो आंदोलन का अगला चरण
बैंक यूनियनों ने आंदोलन को लेकर अगली रणनीति भी तय कर ली है। 11 सितंबर की हड़ताल के बाद मांगें नहीं मानी गईं तो 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन काम बंद रखा जाएगा। रविवार और सोमवार की छुट्टी जुड़ने से बैंक लगातार पांच दिन प्रभावित रहेंगे। इसके बाद भी समाधान नहीं निकला तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।
बैंक कर्मचारियों के साथ भेदभाव क्यों?
विपिन सिंह ने कहा कि जब आरबीआई, सेबी, नाबार्ड समेत कई सरकारी और निजी संस्थानों में सप्ताह में पांच दिन काम की व्यवस्था है, तो बैंक कर्मचारियों को इससे वंचित क्यों रखा गया है। उन्होंने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से मांग उठा रहे हैं। इस बार सभी बैंक यूनियनें एक मंच पर आकर सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रही हैं।