1000 करोड़ के पिनाकल प्रोजेक्ट में FIR: 9.30 एकड़ जमीन के सौदे पर सवाल; 16 लोगों ने की शिकायत

इंदौर। शहर के चर्चित पिनाकल प्रोजेक्ट से जुड़ी जमीन को लेकर क्राइम ब्रांच ने एफआईआर दर्ज की है। मामले में संजय अग्रवाल, उनकी पत्नी नीना अग्रवाल, रितू अग्रवाल और गुरनाम सिंह धालीवाल को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने इनके खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना, आपराधिक षड्यंत्र और विश्वासघात से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया है।

यह मामला निपानिया क्षेत्र की करीब 22 हेक्टेयर जमीन से जुड़ा है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जमीन के एक हिस्से पर पहले से प्लॉट काटकर बेचे जाने के बावजूद उसे बाद में दूसरी फर्म को कृषि भूमि के रूप में बेच दिया गया। मामले में कुल 16 लोगों ने पुलिस से शिकायत की थी।

पिनाकल के तीन प्रोजेक्ट रहे हैं चर्चा में
2014-15 के दौरान इंदौर में पिनाकल रियल एस्टेट ब्रांड काफी चर्चित रहा था। इसके तहत पिनाकल ड्रीम्स, पिनाकल ग्रांड और पिनाकल डिजायर प्रोजेक्ट सामने आए थे। इन प्रोजेक्ट्स के प्रचार में फिल्मी हस्तियों के नाम भी जुड़े थे।

पिनाकल ड्रीम्स से जुड़ा मामला एनसीएलटी में सुलझ चुका है, जबकि पिनाकल डिजायर का मामला अभी एनसीएलटी में चल रहा है। पिनाकल ग्रांड से जुड़े मामलों में भी अलग-अलग जांच चलने की बात सामने आती रही है।

pinnacle-desire-1000-crore-project-fir

16 लोगों ने पुलिस को दिया आवेदन
क्राइम ब्रांच में रोहित सूद, रमेश रिझवानी, पंकज रिझवानी, राजेश रामरखिया, विशाल मित्तल, अंकिता मित्तल, मुकेश मेहता, अब्दुल खान, सूरज सेसवानी, संजय माहेश्वरी, गणेश खत्री, ललित यादव, हेमंत खत्री, अभय झंवर, अनूप सिंघल और मनीष महाजन ने शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।

22 हेक्टेयर जमीन को लेकर लगाए आरोप
शिकायत के अनुसार निपानिया के सर्वे नंबर 260/1, 261/1, 261/2 और 264/1 की करीब 22 हेक्टेयर जमीन संजय अग्रवाल, नीना और रितू से जुड़ी थी। आरोप है कि इस जमीन के लिए टीएंडसीपी और विकास संबंधी मंजूरियां लेने के बाद प्लॉट काटे गए और उनकी बिक्री की गई।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि बाद में इसी जमीन के करीब 9.30 एकड़ हिस्से को जेएसएम देवकान इंडिया और मेसर्स जेएसएम देवकान से जुड़ी फर्म को बेचने का सौदा किया गया।

पहले प्लॉट बेचने, बाद में जमीन बेचने का आरोप
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि जिस जमीन पर पहले ही प्लॉट काटकर ग्राहकों को बेचे जा चुके थे, उसी जमीन के हिस्से को बाद में कृषि भूमि बताकर जून और अक्टूबर 2015 में दूसरी फर्म को बेच दिया गया।

शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ ऐसे प्लॉट भी बेचे गए, जिन्हें नगर निगम के पास बंधक रखा गया था। इन सौदों के जरिए करोड़ों रुपए लिए जाने की बात शिकायत में कही गई है।

फर्मों के नाम बदलकर इस्तेमाल करने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जेएसएम नाम का इस्तेमाल करते हुए सिमन कंस्ट्रक्शंस का नाम जेएसएम देवकान और सिमन इंफ्रास्ट्रक्चर का नाम जेएसएम देवकान इंडिया बताया गया। शिकायतकर्ताओं ने गुरनाम सिंह धालीवाल की इसमें भूमिका होने का आरोप लगाया है।

इसके अलावा विक्की जेठवानी, प्रीतम माटा और उनके परिवार के सदस्यों को भी प्लॉट बेचे जाने की बात आवेदन में कही गई है।

इन धाराओं में केस
क्राइम ब्रांच ने संजय अग्रवाल, नीना अग्रवाल, रितू अग्रवाल और गुरनाम सिंह धालीवाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 120बी और 409 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अब पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों, जमीन के दस्तावेजों और संबंधित सौदों की जांच करेगी।

Share