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इंदौर तिलक नगर दुर्गा माता मंदिर में जन्माष्टमी की धूम: विष्णु और श्रीनाथजी स्वरूप में सजे राधा-कृष्ण; 56 भोग अर्पित

इंदौर। तिलक नगर स्थित श्री दुर्गा माता मंदिर में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धार्मिक उल्लास और भक्तिमय वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर भगवान श्री राधा-कृष्ण का विशेष एवं भव्य श्रृंगार किया गया। भगवान श्रीकृष्ण को भगवान विष्णु के अवतार स्वरूप तथा राधाजी को श्रीनाथजी के स्वरूप में सजाया गया।

आकर्षक वस्त्रों, आभूषणों और पुष्पमालाओं से सजे भगवान के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए शाम से ही श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे। जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर में आकर्षक सजावट के साथ विशेष झांकी भी तैयार की गई। शाम 5 बजे से भव्य श्रृंगार दर्शन शुरू हुए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान के मनोहारी स्वरूप के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

भगवान को लगाया छप्पन भोग
जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भगवान श्री राधा-कृष्ण को विभिन्न प्रकार के पकवानों से सजा छप्पन भोग अर्पित किया गया। भोग के दर्शन के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्तिमय वातावरण बना रहा।

नाव में विराजित कर कराया नौका विहार
जन्माष्टमी उत्सव के दौरान भगवान श्री राधा-कृष्ण को सजाई गई नाव में विराजित कर नौका विहार भी कराया गया। आकर्षक तरीके से तैयार किए गए नौका विहार के दृश्य ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। भगवान को नाव में विराजित कर जल विहार कराया गया और भक्तों ने इस विशेष झांकी के दर्शन किए। मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन जन्माष्टमी के प्रमुख आकर्षणों में रहा।

भजन-संध्या में देर रात तक गूंजे भजन
शाम को मंदिर में भजन-संध्या का आयोजन हुआ। भगवान श्रीकृष्ण के भजनों और भक्ति गीतों से मंदिर परिसर देर रात तक गूंजता रहा। श्रद्धालु भजनों पर झूमते हुए भगवान की भक्ति में लीन नजर आए। शाम 7:30 बजे नित्य आरती भी की गई।

रात 12 बजे जन्म आरती, गूंजे जयकारे
रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का समय होते ही मंदिर परिसर जय श्रीकृष्ण और जय श्री राधे-कृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने हर्षोल्लास के साथ भगवान का जन्मोत्सव मनाया। इसके बाद धूमधाम से जन्म आरती की गई और भक्तों ने भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।

लड्डू गोपाल को झूला झुलाया
जन्मोत्सव के बाद लड्डू गोपाल को फूलों से सजे झूले में विराजित किया गया। श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से भगवान को झूला झुलाकर जन्माष्टमी की खुशियां मनाईं। पूरे मंदिर परिसर में उत्सव और भक्ति का माहौल बना रहा। जन्माष्टमी के इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

भगवान श्री राधा-कृष्ण के भव्य श्रृंगार, छप्पन भोग, नौका विहार, भजन-संध्या और मध्यरात्रि जन्म आरती ने आयोजन को विशेष बना दिया। भगवान का विशेष श्रृंगार श्रृंगार पंडित दुर्गेश शर्मा एवं ग्रुप द्वारा किया गया। मंदिर में देर रात तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और भक्तों ने भगवान श्री राधा-कृष्ण के दिव्य दर्शन कर जन्मोत्सव का आनंद लिया।

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