जगन्नाथ पुरी से श्रीनाथजी तक जन्माष्टमी की धूम: मथुरा में उमड़ी भक्तों की भीड़; नाथद्वारा में 21 तोपों की सलामी

भारत। देशभर में आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है। 4 सितंबर को भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव है। मथुरा-वृंदावन से लेकर जगन्नाथ पुरी और द्वारका में जन्माष्टमी की धूम है। मथुरा में जन्मभूमि, द्वारका में द्वारकाधीश मंदिर, दिल्ली के इस्कॉन मंदिर और जयपुर के गोविंद देव जी मंदिर में मंगला आरती हुई।
मथुरा में गुरुवार रात से पहुंच रहे श्रद्धालु
भगवान कृष्ण की जन्मस्थली मथुरा में गुरुवार रात से ही श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। अनुमान है कि जन्मोत्सव के लिए मथुरा-वृंदावन समेत ब्रज मंडल में करीब 75 लाख श्रद्धालु पहुंच सकते हैं। जन्माष्टमी से ठीक पहले शुक्रवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर श्री लडडू गोपाल के लिए खास उपहार भेजे गए। यह परंपरा 2024 में शुरू हुई थी।
पुरी में 5 घंटे तक बंद रहेगा मंदिर
जन्माष्टमी पर ओडिशा के जगन्नाथ पुरी में एक खास रस्म के लिए मुख्य मंदिर 5 घंटे तक बंद रहेगा। इस रस्म में भगवान मां का रूप धारण करके श्री कृष्ण को जन्म देंगे। इसके बाद प्रभु का विशेष शृंगार भी किया जाएगा।
श्रीनाथजी में 21 तोपों की सलामी
राजस्थान में नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर 21 तोपों की सलामी दी गई। यह परंपरा नाथद्वारा में 352 सालों से चली आ रही है।
इंदौर में भी जन्माष्टमी की धूम
राजवाड़ा के बांके बिहारी मंदिर, यशोदा माता मंदिर और गोपाल मंदिर में भी विशेष शृंगार और पूजा की जाएगी। रात 12 बजे भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। यशोदा माता मंदिर देश एक मात्र ऐसा मंदिर है जहां श्री कृष्ण अपनी माता की गोद में खेल रहे है। भगवान के दर्शन के लिए हर साल यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते है।