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झाबुआ में भारी वाहनों पर 25 सितंबर तक रोक: सुबह 7 से रात 8 बजे तक प्रतिबंध; जरूरी सेवाओं के लिए छूट

झाबुआ। शहर में बढ़ते यातायात दबाव और जाम की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने झाबुआ शहर के शहरी क्षेत्र में ट्रक और अन्य भारवाहक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। यह आदेश 25 अगस्त से 25 सितंबर 2026 तक लागू रहेगा।

सुबह 7 से रात 8 बजे तक एंट्री बंद
मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 115 के तहत यह आदेश जारी किया गया है। इसके अनुसार सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक भारी वाहन शहर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। प्रशासन ने यह फैसला आम लोगों, विद्यार्थियों और वाहन चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया है। पुलिस अधीक्षक की ओर से भी इस संबंध में प्रशासन को पत्र भेजा गया था। इसमें भारी वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं और जाम की समस्या का जिक्र किया गया था।

इन 5 रास्तों से शहर में नहीं आ सकेंगे भारी वाहन
प्रशासन ने भारी वाहनों को रोकने के लिए पांच प्रमुख स्थान तय किए हैं। भोयरा रोड स्थित अमृत आरओ वाटर प्लांट: कुंदनपुर और पिटोल की ओर से आने वाले भारी वाहन यहां रोके जाएंगे। करड़ावद हनुमान मंदिर: गुजरात, दाहोद, पिटोल, थांदला और मेघनगर की ओर से आने वाले भारी वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा।

रंगपुरा अंडरब्रिज हाईवे: कल्याणपुरा, रायपुरिया, पेटलावद, रतलाम और बदनावर की ओर से आने वाले वाहनों को रोका जाएगा। पारा और बोरी की ओर से आने वाले भारी वाहनों पर भी रोक रहेगी।

पारा फाटा झाबुआ: कालीदेवी, सरदारपुर, धार और इंदौर की ओर से आने वाले भारी वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। पारा-बोरी की ओर से आने वाले भारी वाहन भी प्रतिबंधित रहेंगे।

महर्षि त्रिपुरा नर्सिंग कॉलेज तिराहा, राणापुर रोड: राणापुर, जोबट, आलीराजपुर, बड़वानी और छोटा उदयपुर गुजरात की ओर से आने वाले भारी वाहन यहां रोके जाएंगे।

इन वाहनों को रहेगी छूट
प्रतिबंध मुख्य रूप से भारी और भारवाहक वाहनों पर लागू रहेगा। कार और जीप जैसे हल्के वाहन 40 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम गति से चल सकेंगे। दो पहिया वाहनों की आवाजाही पहले की तरह जारी रहेगी। आपातकालीन और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी छूट दी गई है।

इनमें फायर ब्रिगेड, नगर निकाय के सेवा वाहन, पुलिस और सेना के वाहन शामिल हैं। इसके अलावा बिजली विभाग के वाहन, कृषि उपज मंडी के वाहन, यात्री बसें, स्कूल बसें और दूध के वाहन भी प्रतिबंध से बाहर रहेंगे।

पेट्रोल-डीजल और गैस वाहनों को भी विशेष छूट
शहर के अंदर स्थित प्रतिष्ठानों पर पेट्रोल, डीजल, केरोसीन और एलपीजी गैस की लोडिंग-अनलोडिंग करने वाले वाहनों को भी प्रतिबंधित समय में प्रवेश की अनुमति रहेगी। हालांकि इन भारी वाहनों की अधिकतम गति 20 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। किसी विशेष परिस्थिति में भारी वाहन को शहर में प्रवेश की जरूरत होने पर अपर जिला मजिस्ट्रेट, झाबुआ से अनुमति लेनी होगी।

यातायात पुलिस संभालेगी व्यवस्था
प्रशासन की ओर से प्रतिबंध वाले सभी स्थानों पर सूचना बोर्ड और यातायात संकेतक लगाए जाएंगे। इन जगहों पर यातायात पुलिस की तैनाती भी की जाएगी। पुलिस भारी वाहनों को शहर में प्रवेश करने से रोकेगी। प्रशासन को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से शहर में जाम कम होगा।

यातायात का दबाव घटेगा। साथ ही दुर्घटनाओं पर भी रोक लगेगी। फिलहाल यह आदेश 25 सितंबर 2026 तक लागू रहेगा। इसके बाद यातायात व्यवस्था की समीक्षा कर आगे का फैसला लिया जाएगा।

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