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क्लीनिक में इलाज के बाद धार में 15 माह की बच्ची की मौत: परिजन बोलें- डॉक्टर ने गलत इंजेक्शन दिया; उल्टी-दस्त की शिकायत पर पहुंचे थे

धार/बाग। धार जिले के बाग ब्लॉक के ग्राम आगर निवासी 15 माह की मासूम अर्पिता की इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्ची का एक निजी क्लीनिक में इलाज चल रहा था। मौत के बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। सभी थाने पहुंचे। यहां जमकर हंगामा किया। बच्ची के पिता प्रकाश अनारे ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि डॉक्टर ने मना करने के बाद भी बच्ची को दूसरा इंजेक्शन लगाया।

इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। कुछ देर बाद बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। क्लीनिक से दवाइयां भी जब्त की गई हैं। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। विसरा जांच के लिए भेजा गया है।

उल्टी-दस्त की शिकायत पर क्लीनिक पहुंचे थे
जानकारी के अनुसार प्रकाश अनारे अपनी 15 माह की इकलौती बेटी अर्पिता को लेकर बाग पहुंचे थे। बच्ची को उल्टी-दस्त की शिकायत थी। इसके चलते उसे डॉ. सुमेरसिंह अलावा के निजी क्लीनिक पर ले जाया गया। पिता के अनुसार डॉक्टर ने बच्ची को ड्रिप लगाई। इसके बाद एक इंजेक्शन लगाया। डॉक्टर जब दूसरा इंजेक्शन लगाने लगे तो पिता ने मना किया।

पिता का आरोप है कि मना करने के बावजूद डॉक्टर ने दूसरा इंजेक्शन लगा दिया। इसके तुरंत बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर उसे बाग के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

PCR देकर बचाने का प्रयास किया
बच्ची को बाग अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया। डॉ. नितिन श्रीवास्तव और डॉ. विश्वजीत पटेल ने सीपीआर दिया। डॉक्टरों ने बच्ची की सांसें लौटाने का प्रयास किया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमार्टम में डिहाइड्रेशन की आशंका
बच्ची के शव का पोस्टमार्टम बाग अस्पताल में किया गया। डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। मौत का कारण शरीर में पानी की अत्यधिक कमी यानी डिहाइड्रेशन बताया गया है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। इसके लिए विसरा सुरक्षित किया गया है। इसे जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत का सही कारण सामने आएगा।

कुक्षी अस्पताल में पदस्थ हैं डॉक्टर
आरोपी डॉक्टर डॉ. सुमेरसिंह अलावा कुक्षी सिविल अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के पद पर पदस्थ बताए गए हैं। वे लंबे समय से बाग में निजी क्लीनिक भी संचालित कर रहे हैं। घटना के बाद पुलिस क्लीनिक पर जांच के लिए पहुंची। उस समय डॉक्टर वहां मौजूद नहीं मिले। पुलिस ने क्लीनिक से दवाइयां जब्त कर ली हैं।

मौत के बाद थाने पहुंचे परिजन
बच्ची की मौत की खबर के बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। वे बाग थाने पहुंचे। यहां डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

विसरा रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
बाग थाने के एएसआई कमलेश राठोडिया ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। क्लीनिक से दवाइयां जब्त की गई हैं। पोस्टमार्टम के बाद विसरा जांच के लिए भेजा गया है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण का पता चलेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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