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उज्जैन में दुकान को हाथ लगाते ही बजता है अलार्म: मोबाइल पर पहुंचता है अलर्ट; पुलिस ने 9 बार पकड़े चोर

उज्जैन। देवास रोड स्थित सांची पार्लर संचालक विशाल सिंह जादौन ने चोरी रोकने के लिए ऐसा सुरक्षा सिस्टम तैयार किया है, जो दुकान में संदिग्ध हलचल होते ही अलार्म बजाता है और मोबाइल पर अलर्ट भेज देता है। सिस्टम की मदद से अब तक पुलिस को 9 बार चोर पकड़ने में मदद मिल चुकी है।

ऋषि नगर निवासी विशाल सिंह जादौन ने बताया कि उन्होंने इलेक्ट्रिकल से पॉलिटेक्निक की पढ़ाई शुरू की थी। जावरा में 1997 बैच के विद्यार्थी रहे और चार सेमेस्टर तक पढ़ाई की, लेकिन फाइनल ईयर पूरा नहीं कर सके। नौकरी के अवसर होने के बावजूद उज्जैन में रहना जरूरी था, इसलिए उन्होंने अपना रोजगार शुरू करने का फैसला लिया।

संदिग्ध हलचल होने पर बजता है अलार्म
14 दिसंबर 2003 को उन्होंने सांची पार्लर शुरू किया। उस समय दुकान के आसपास झाड़ियां और कमजोर ढांचा होने के कारण चोरी की घटनाओं का डर बना रहता था। एक दिन दुकान में चूहा पकड़ने के बाद उनके मन में विचार आया कि जिस तकनीक से चूहे की मौजूदगी का पता लगाया जा सकता है, उसी तरह दुकान में किसी संदिग्ध व्यक्ति की हलचल का पता क्यों न लगाया जाए। 6 से 8 महीने मेहनत कर 2012 में टावर बेस्ड अलर्ट सिस्टम तैयार किया। यह डिवाइस दुकान में किसी सामान को छूने या संदिग्ध हलचल होने पर अलार्म बजा देता है।

मोबाइल पर आया अलर्ट, चोर पकड़ाया
विशाल ने बताया कि सिस्टम को दुकान के अलग-अलग हिस्सों में जरूरत के अनुसार एक्टिवेट किया जा सकता है। संदिग्ध हलचल होते ही मोबाइल पर अलर्ट पहुंचता है और GSM सिस्टम के जरिए कॉल भी आती है।

हाल ही में रात करीब 1:15 बजे अलार्म बजा। मोबाइल पर सूचना मिलने के बाद विशाल पुलिस को लेकर दुकान पहुंचे। माधवनगर थाना पुलिस ने दुकान के अंदर मौजूद आरोपी को पकड़ लिया।

विशाल पहले खुद चोरों का पीछा करते थे। इसी दौरान कंजर गिरोह के एक सदस्य ने उनकी उंगली काट दी। इसके बाद उन्होंने खुद जोखिम लेने के बजाय पुलिस की मदद से आरोपियों को पकड़वाना शुरू किया।

दुकान से सीमा सुरक्षा तक पहुंचा प्रयोग
विशाल का प्रयोग सिर्फ दुकान की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा। वर्ष 2013 से 2017 के बीच उन्होंने दिल्ली और भोपाल जाकर प्रधानमंत्री कार्यालय, विज्ञान मंत्रालय, गृह मंत्रालय, पुलिस मॉडर्नाइजेशन विभाग और BSF के अधिकारियों के सामने भी इस सिस्टम का डेमो दिया।

उनका उद्देश्य था कि इस तकनीक का इस्तेमाल सीमा क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों का अलर्ट देने के लिए किया जा सके। अधिकारियों की ओर से उन्हें सिस्टम में तकनीकी सुधार करने की सलाह दी गई। विशाल का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ अपनी दुकान को सुरक्षित रखना नहीं, बल्कि ऐसी तकनीक तैयार करना है, जिसका इस्तेमाल आम दुकानों से लेकर बड़े सुरक्षा तंत्र तक किया जा सके।

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