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देवास में किसानों ने कलेक्ट्रेट घेरा: 6 मांगों को लेकर 500 किसान धरने पर; बोले- समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन होगा उग्र होगा

देवास। 6 मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ के बैनर तले जिलेभर के किसान सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचें। करीब 500 किसानों ने कलेक्ट्रेट में धरना शुरू किया। किसानों का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।

राहत राशि से लेकर दूध के उचित भाव की मांग
किसानों ने प्रशासन के सामने 6 प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें प्राकृतिक आपदा से प्रभावित फसलों की राहत राशि का जल्द भुगतान, फसल बीमा दावों का शीघ्र निराकरण और नर्मदा-कालीसिंध सिंचाई योजना में तेजी लाने की मांग शामिल है।

इसके अलावा जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज त्रुटियों को सुधारने और दूध के उचित भाव तय करने की मांग भी किसानों ने रखी है।

बारिश के कारण कई किसान नहीं पहुंच पाए
किसान नेताओं के मुताबिक धरना स्थल पर फिलहाल करीब 500 किसान पहुंच चुके हैं। जिले के कई हिस्सों में बारिश होने के कारण बड़ी संख्या में किसान अभी नहीं पहुंच पाए हैं। किसान नेताओं का दावा है कि आने वाले दिनों में धरने में किसानों की संख्या और बढ़ सकती है।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा उग्र
किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। किसानों का कहना है कि वे अपनी मांगें पूरी होने तक कितने भी दिन धरने पर बैठने के लिए तैयार हैं।

अधिकारियों ने किसानों से की चर्चा
कलेक्ट्रेट परिसर में किसानों के धरने की सूचना के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसान प्रतिनिधियों से चर्चा कर उनकी मांगों और समस्याओं की जानकारी ली। अब किसानों को प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई का इंतजार है।

किसानों की 6 प्रमुख मांगें:

  1.  प्राकृतिक आपदा की राहत राशि का तुरंत भुगतान
  2.  फसल बीमा क्लेम का शीघ्र निपटारा
  3.  नर्मदा-कालीसिंध सिंचाई योजना में तेजी लाना
  4.  जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
  5.  राजस्व रिकॉर्ड की त्रुटियों में सुधार
  6.  दूध के उचित भाव तय करना
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