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उमरिया पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोप: ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; जांच शुरू नहीं की तो करेंगे आंदोलन

झाबुआ। ग्राम पंचायत उमरिया वजंत्री में विकास कार्यों में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने फर्जी भुगतान का भी आरोप लगाया है। मंगलवार को ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे।

ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और जांच की मांग की। साथ ही RTI की जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया। शिकायतकर्ता से मारपीट का भी आरोप लगाया गया है।

पंचायत भवन से लेकर पुलिया निर्माण में गड़बड़ी 
ग्रामीणों ने पंचायत भवन की मरम्मत के नाम पर बिना काम किए राशि निकालने का आरोप लगाया है। जलहण और उमरिया दरबार क्षेत्र में पुलिया निर्माण में भी अनियमितता की शिकायत की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कागजों में सीमेंट के बिल लगाकर काम पूरा दिखाया गया। बिल और बैंक भुगतान की राशि में भी अंतर बताया गया है।

सामुदायिक भवन पर कब्जे का आरोप
ग्रामीणों ने आदर्श ग्राम योजना के तहत बनाए गए मिडिल स्कूल की CC रोड के दो साल में ही खराब होने का मुद्दा उठाया। इसके अलावा ग्राम पंचायत के सामुदायिक भवन पर करीब पांच साल से सरपंच पति के भाई द्वारा कथित अवैध कब्जा किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

RTI में जानकारी नहीं देने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्यों के बिलों पर सरपंच और सचिव के हस्ताक्षर व सील नहीं हैं। सामग्री के बिलों में दर्ज वेंडरों की वास्तविकता पर भी सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीणों ने इन मामलों की जानकारी के लिए RTI लगाई थी, लेकिन निर्धारित समय में दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मामले की शिकायत करने पर एक शिकायतकर्ता के साथ मारपीट भी की गई, जिसमें उसे चोटें आईं।

7 दिन में जांच नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 7 दिन के भीतर मामले की स्वतंत्र जांच शुरू कर कार्रवाई नहीं की गई तो वे कलेक्टर कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।

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