सितंबर में उज्जैन आ सकते है राहुल गांधी: कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से करेंगे बात; महाकाल में कर सकते है दर्शन

उज्जैन। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सितंबर माह में आ सकते हैं। वो यहां संभाग के सभी कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस संगठन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि अभी उनके दौरे की तारीख और स्थान आधिकारिक तौर पर तय नहीं हुआ है।
जमीनी कार्यकर्ताओं को भी बैठक में बुलाएंगे
प्रस्तावित कार्यक्रम अनुसार राहुल गांधी उज्जैन के अलावा रतलाम, शाजापुर, देवास, आगर-मालवा, मंदसौर और नीमच जिलों के कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता इसमें हिस्सा लेंगे।वे उन कार्यकर्ताओं से भी बात करेंगे, जिनकी नियुक्ति कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के माध्यम से हुई है। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष, जिला एवं ब्लॉक कार्यकारिणी के सदस्य शामिल होंगे। इसके अलावा ग्राम पंचायत अध्यक्ष और बीएलए-2 सहित अन्य जमीनी कार्यकर्ताओं को भी बैठक में बुलाया जाएगा।
क्षीरसागर या कार्तिक मेला ग्राउंड..
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी कार्यकर्ताओं से संगठन की मौजूदा स्थिति, बूथ स्तर की सक्रियता और जमीनी स्तर पर पार्टी की गतिविधियों की जानकारी भी ले सकते हैं। उनका फोकस संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद पर रहेगा। कार्यक्रम के लिए क्षीरसागर मैदान और कार्तिक मेला ग्राउंड को चिन्हित किया है। प्रशासन से अनुमति के बाद इनमें से किसी एक स्थान पर बड़ा डोम तैयार कर कार्यक्रम किया जाएगा.फिलहाल कांग्रेस संगठन की नजर राहुल गांधी के दौरे की आधिकारिक तारीख पर है।
रीवा संभाग में भी कार्यक्रम
विधायक और जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश परमार व शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर संगठन के स्तर पर रणनीति तैयार कर रहे हैं। हालांकि, दोनों नेता फिलहाल राहुल गांधी के दौरे और कार्यक्रम को लेकर खुलकर कोई जानकारी देने से बच रहे हैं। हालांकि बताया जा रहा है कि उज्जैन के बाद रीवा संभाग में भी इसी तरह का संगठनात्मक कार्यक्रम प्रस्तावित है। हालांकि दोनों स्थानों की तारीख अभी तय नहीं हुई है।
महाकाल दर्शन भी कर सकते हैं राहुल गांधी
राहुल गांधी जब पहले उज्जैन आए थे तब उनका महाकाल मंदिर जाकर बाबा महाकाल के दर्शन करने का कार्यक्रम भी रहा है। ऐसे में इस दौरे मे भी उनके श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन का कार्यक्रम बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि वे मंदिर दर्शन कार्यक्रम से पहले करेंगे या संगठनात्मक बैठक के बाद, इसे लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।