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झाबुआ में आदिवासी समाज की एकजुटता दिखी: बस स्टैंड पर उमड़ी भारी भीड़; लोकनृत्य बने आकर्षण

झाबुआ। विश्व आदिवासी दिवस पर रविवार को झाबुआ में बड़ा आयोजन हुआ। राष्ट्रीय आदिवासी क्रांति सेना, भारत आदिवासी पार्टी, जयस और कई सामाजिक संगठनों के साथ हजारों लोग इसमें शामिल हुए। बस स्टैंड पर हुए मुख्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे।

 

मांदल की थाप और पारंपरिक नृत्यों ने बांधा समां
कार्यक्रम में कांग्रेस और भाजपा के कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। मांदल की थाप और पारंपरिक आदिवासी नृत्यों ने पूरे शहर का माहौल उत्सव जैसा बना दिया। जगह-जगह लोगों ने नृत्य कर आदिवासी संस्कृति की झलक दिखाई।

भीड़ बढ़ने पर पुलिस ने बदले कई रास्ते
भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने विशेष यातायात व्यवस्था की। कई मार्गों पर वाहनों का रूट डायवर्ट किया गया ताकि लोगों को परेशानी न हो। सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहे और व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।

एकजुटता और संस्कृति का दिया संदेश
आयोजन में शामिल लोगों ने आदिवासी समाज की परंपराओं, संस्कृति और एकता को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीत और नृत्य कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे। पूरे आयोजन ने समाज की सांस्कृतिक पहचान और एकजुटता का संदेश दिया।

 

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