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रतलाम में शादी के 5 दिन बाद दुल्हन की मौत: मरने के 23 मिनट पहले कॉल पर की थी बात; मोबाइल से डेटा भी डिलीट

रतलाम। संध्या की मौत में नया अपडेट सामने आया है। पुलिस को जांच के दौरान उसके मोबाइल से रात 1:37 बजे हुई बातचीत का पता चला। इसके करीब 23 मिनट बाद, रात 2 बजे, संध्या कमरे में नहीं थी।

पति ने देखा वह मकान के पीछे रेत के ढेर पर मिली। घटनास्थल से टूटी हुई रस्सी भी मीली। 2.60 लाख रुपए में दलाल ने कराई थी शादी।

पुलिस अब उस रात हुई कॉल का पता लगाय रही है कि संध्या ने किससे बात की और बातचीत के बाद क्या हुआ कि वह तीसरी मंजिल से रस्सी के जरिए नीचे आने लगी।

मोबाइल की जांच में कुछ डेटा हटाए जाने की जानकारी भी मिली है। पुलिस कॉल डिटेल, मोबाइल डेटा और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच कर रही है।

काल पर करती थी बात

25 जुलाई को संध्या को बिहार से रतलाम लाया गया था। पांच दिन तक उसका व्यवहार सामान्य था। वह घर का काम करती और खाना बनाती थी। वह दिन में करीब दो बार की-पैड मोबाइल से किसी से बात करती थी। पूछने पर वह मां से बात करने की बात कहती थी।

100 रुपए के स्टांप पेपर पर मुकेश और संध्या की शादी का एग्रीमेंट कराया गया था।

35 फीट की ऊंचाई से उतरने की कोशिश
FSL अधिकारी और थाना प्रभारी ने मौके का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि संध्या ने करीब 35 फीट ऊंची तीसरी मंजिल से रस्सी के सहारे नीचे उतरने की कोशिश की। करीब 10 फीट नीचे रस्सी टूट गई। 25 फीट नीचे रेत के ढेर पर जा गिरी।

उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अब पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल यही है कि आधी रात में संध्या रस्सी के सहारे नीचे क्यों उतर रही थी?

रात 1:37 बजे कॉल के बाद मौत
पुलिस ने संध्या का मोबाइल जांच के लिए लिया है। इसमें रात 1:37 बजे एक कॉल की जानकारी सामने आई है। इसके करीब 23 मिनट बाद रात 2 बजे वह बिस्तर पर नहीं मिली।

पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के जरिए यह पता कर रही है कि कॉल किस नंबर पर हुई? बातचीत कितनी देर चली? जिस व्यक्ति से बात हुई, उसका संध्या से क्या संबंध था?

जांच में मोबाइल से कुछ चीजें डिलीट किए जाने की बात भी सामने आई है। ऐसे में पुलिस मोबाइल की अन्य जानकारी भी खंगाल रही है।

पति मुकेश ने बताया कि इस स्थान पर संध्या गिरी थी।

फोटो किसी ओर का दिखाया, और शादी किसी ओर से
संध्या की मौत के बाद उसकी शादी की कहानी भी जांच के दायरे में आ गई है। पति मुकेश के मुताबिक, उसे पहले एक दूसरी लड़की का फोटो दिखाया गया था। फोटो पसंद आने के बाद शादी तय हुई। इसके बाद वह अपने दोस्त सुरेश बौधा और दलाल मोहन के साथ बिहार गया।

22 जुलाई को रतलाम से रवाना होकर वे 23 जुलाई को रोहतास के कोचस पहुंचे। होटल ताज मैरिज गार्डन में ठहरने के दौरान दलाल मोहन ने बताया कि जिस लड़की का फोटो दिखाया गया था, वह बाहर चली गई है। इसके बाद दूसरी लड़की संध्या को सामने लाया गया।

मुकेश का कहना है कि उसने दूसरी लड़की से शादी करने से मना किया था। इसके बाद वहां के लोगों से खतरे की बात कहकर उसे डराया गया। बाद में संध्या से उसकी शादी करा दी गई।

शादी में फोटो-वीडियो बनाने से रोका
शादी में संध्या के साथ करीब 70 साल की महिला और 30-35 साल का युवक भी आया था। उन्हें संध्या की मां और भाई बताया गया था। इसके बाद वकील की ड्रेस में राजेश नाम का व्यक्ति आया। दोपहर बाद मुकेश और संध्या की वरमाला कराई गई। राजेश ने स्टांप पेपर पर शादी का एग्रीमेंट तैयार कराया और दोनों के साइन कराए गए।

मुकेश ने संध्या का आधार कार्ड मांगा, लेकिन उसे नहीं दिया गया। उसके दोस्त ने शादी के फोटो-वीडियो बनाने की कोशिश की तो उसे रोक दिया गया। मुकेश के मुताबिक, बिहार के लोगों ने खुद फोटो-वीडियो बनाए और दोनों से अपनी मर्जी से शादी करने की बात कहलवाई।

शादी के करीब एक घंटे बाद मुकेश संध्या को लेकर रतलाम के लिए रवाना हो गया। उसके मुताबिक, संध्या को सिर्फ एक साड़ी में भेजा गया था। मुकेश के पास मौजूद शादी के एग्रीमेंट पर 2025 की सील लगी है। इस बारे में पूछने पर दलाल मोहन ने सील गलती से लगने की बात कही।

मुकेश का गमगीन परिवार।

3.50 लाख रुपए से शुरू हुई बात, 2.60 लाख में तय हुई शादी
मुकेश के मुताबिक, शादी कराने वाले दलाल ने शुरुआत में 3.50 लाख रुपए की मांग की थी। उसने अपनी आर्थिक स्थिति बताते हुए 2 लाख रुपए देने की बात कही। बातचीत के बाद 2.60 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। बिहार आने-जाने और वहां रुकने का खर्च अलग था। अब पुलिस के लिए शादी की रकम, लड़की बदले जाने की बात, दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया जाना और शादी के तुरंत बाद संध्या को रतलाम लाए जाने जैसे बिंदु भी जांच का हिस्सा हैं।

शादी के फोटो, वीडियो, एग्रीमेंट की कॉपी भेजी, खुद नहीं आया
संध्या की मौत के बाद पुलिस ने दलाल मोहन से संपर्क किया। उसने बिहार के राजेश का नंबर दिया और रतलाम आने की बात कही, लेकिन दो दिन तक नहीं आया। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। पुलिस ने राजेश से संपर्क किया तो उसने शादी के फोटो, वीडियो और एग्रीमेंट की कॉपी भेजी।

उसे संध्या की मौत की जानकारी देकर परिजन को रतलाम भेजने के लिए कहा गया, लेकिन कोई परिजन नहीं आया। इसके बाद राजेश का मोबाइल भी बंद हो गया। मुकेश का कहना है कि वह खुद बड़नगर में मोहन के घर पहुंचा, लेकिन वहां भी वह नहीं मिला।

12 दिन बाद भी संध्या का कोई परिजन रतलाम नहीं पहुंचा
दो दिन इंतजार के बाद पुलिस ने शव पति मुकेश को सौंप दिया। इसके बाद उसने संध्या का अंतिम संस्कार कर दिया। घटना के 12 दिन बाद भी संध्या के परिवार का कोई सदस्य रतलाम नहीं पहुंचा है। दूसरी ओर शादी कराने वाले दोनों दलाल भी पुलिस के सामने नहीं आए हैं। दोनों के मोबाइल बंद बताए जा रहे हैं।

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