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आलीराजपुर कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे आदिवासी परिवार: साहूकारों के चंगुल से छुड़ाने की कर रहे मांग; कहा- पैसे देने के बाद भी नहीं लौटाई चांदी

आलीराजपुर। जिले के आदिवासी परिवारों ने साहूकारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आर्थिक तंगी के समय उन्होंने अपनी चांदी गिरवी रखी थी। बाद में मूलधन और ब्याज की पूरी राशि चुका दी, लेकिन साहूकार अब चांदी वापस नहीं कर रहे। परेशान परिवार मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई।

आर्थिक तंगी में रखी थी चांदी गिरवी
मामला आदिवासी बाहुल्य आलीराजपुर जिले का है। पीड़ित जेराम मंडलोई, नरसिंह भुरिया, इंद्राबाई वास्कले और फुलबाई चगोड़ ने बताया कि जरूरत के समय उन्होंने अलग-अलग साहूकारों के पास अपनी चांदी गिरवी रखी थी। उनका दावा है कि उन्होंने तय रकम के अनुसार मूलधन और ब्याज दोनों चुका दिए हैं, इसके बावजूद करीब आठ किलो चांदी अब तक वापस नहीं मिली।

इन लोगों पर लगाए चांदी नहीं लौटाने के आरोप
पीड़ितों ने जनसुनवाई में दिए आवेदन में शंकरलाल सोनी भुरु निवासी आलीराजपुर, प्रशांत वाणी निवासी आम्बुआ, प्रफुल्ल जैन निवासी आलीराजपुर और राजेंद्र शंकरलाल सोनी निवासी आलीराजपुर पर चांदी वापस नहीं करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से साहूकारों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया जाता है।

मेहनत-मजदूरी कर चुकाया कर्ज और ब्याज
आदिवासी परिवारों का कहना है कि उन्होंने मेहनत-मजदूरी कर कर्ज और ब्याज दोनों की पूरी रकम चुका दी है। इसके बावजूद उनकी गिरवी रखी चांदी वापस नहीं मिल रही। उनका कहना है कि यह उनके साथ सीधा अन्याय है और इससे उनका परिवार आर्थिक और मानसिक परेशानी झेल रहा है।

प्रशासन से निष्पक्ष जांच और चांदी वापस दिलाने की मांग
पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उनकी गिरवी रखी चांदी जल्द वापस दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि पूरी राशि चुकाने के बाद भी सामान वापस नहीं मिलता, तो गरीब और आदिवासी परिवारों का भरोसा व्यवस्था से उठ जाएगा।

अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें
कलेक्टर की जनसुनवाई में उठे इस गंभीर मामले के बाद अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। जांच के बाद क्या पीड़ित आदिवासी परिवारों को उनकी गिरवी रखी चांदी वापस मिल पाएगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

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