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एमपी में छात्र आंदोलन ने पकड़ी रफ्तार, 20 जिलों में सड़कों पर उतरे युवा

दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन का असर अब मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। प्रदेश के 20 जिलों में छात्र, युवा और विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन तेज कर दिए हैं। कई जगह धरना, रैली और कलेक्टर कार्यालयों को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन के प्रति समर्थन जताया जा रहा है। शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, धार, मऊगंज, नर्मदापुरम, झाबुआ, सिंगरौली, भिंड, टीकमगढ़, शाजापुर, सतना, सीधी, रतलाम, रीवा, बैतूल, उमरिया, बड़वानी और श्योपुर में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए।

इंदौर बना आंदोलन का केंद्र

इंदौर के टंट्या भील चौराहे पर छात्रों का धरना लगातार 25वें दिन भी जारी रहा। शुरुआत में जहां केवल पांच छात्र धरने पर बैठे थे, वहीं अब हर दिन बड़ी संख्या में छात्र और सामाजिक संगठन आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। पुलिस प्रदर्शन स्थल पर ड्रोन कैमरों से निगरानी कर रही है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

भोपाल में भी नहीं थमा विरोध

राजधानी भोपाल के एमपी नगर स्थित बोर्ड ऑफिस के सामने छात्रों का धरना शनिवार को भी जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

जबलपुर में आंदोलन के विरोध में नई पहल

जबलपुर में कुछ लोगों ने कॉकरोच जनता पार्टी CJP के विरोध में ‘लाल हिट पार्टी’ बनाने की घोषणा की। उनका कहना है कि छात्रों की मांगें उचित हैं, लेकिन विरोध का तरीका लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण होना चाहिए।

NEET पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन लगातार जारी है। इस मुद्दे पर विपक्ष भी केंद्र सरकार पर हमलावर है। इसी बीच केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी NTA के 47 अधिकारियों को बर्खास्त करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का फैसला लिया है।

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