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पेपर लीक पर बड़ा ऐलान : PM मोदी बोले- फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेंगे, राहुल गांधी ने कहा- युवाओं का भविष्य आपने बिगाड़ा

कॉकरोच जनता पार्टी और विपक्ष के प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। पीएम मोदी ने गुरुवार को अपने ऑफिशियल X अकॉउंट पर ऐलान किया है कि पेपर लीक के दोषियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा।

इस पर राहुल गांधी ने कटाक्ष करते हुए कहा है कि ‘आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। आपने एजुकेशन सिस्टम बर्बाद होने दिया और इसके जिम्मेदार व्यक्तियों को संरक्षण दिया। वहीं उनका इलाज चल रहा है।

पीएम ने पोस्ट में लिखा

देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

“पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के स्तरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”

पेपर लीक की सुनवाई के लिए पहली बार फास्ट ट्रैक कोर्ट

देश में अब तक पेपर लीक मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती थी, इसलिए फैसला आने में कई साल लग जाते थे। अब प्रधानमंत्री ने इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है, ताकि फैसला तेजी से हो सके। फास्ट ट्रैक कोर्ट का रिकॉर्ड भी बेहतर रहा है। केंद्र सरकार के अनुसार, रेप और POCSO मामलों के लिए बनी फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 2019 से 2025 तक 3.06 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा किया है।

इन अदालतों में मामलों के निपटारे का रेट 96.28% है, यानी जितने नए मामले आए, लगभग उतने ही मामलों का निपटारा भी हुआ। हालांकि, नए मामले लगातार दर्ज होने के कारण 2025 के अंत तक 2.45 लाख से ज्यादा मामले पेंडिंग थे, जबकि 2024 के अंत में यह संख्या 2.04 लाख थी।

राहुल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात राखी थी

राहुल गांधी ने बुधवार को दिल्ली के इंदिरा भवन में छात्रों के खिलाफ लाठीचार्ज पर करीब 40 मिनट प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने सबसे पहले अपने प्रेजेंटेशन में 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के संसद चलो मार्च में शामिल छात्रों के वीडियो चली थी। वीडिओ प्रेजेंटेशन के दौरान स्लाइड दिखाई। जिसमें उन्होंने तीन डिमांड रखीं। पहली- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। दूसरी- छात्रों को पीटने वालों पर कार्रवाई हो। तीसरा- पीएम मोदी छात्रों से माफी मांगें।

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