मध्य प्रदेश में आज नीट-2026 परीक्षा, 1.18 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा; मोबाइल से स्मार्ट वॉच तक पूरी तरह प्रतिबंधित
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-2026 रविवार को मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में आयोजित होने जा रही है। प्रदेश में करीब 1.18 लाख अभ्यर्थी 30 जिलों के 283 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देंगे। परीक्षा को निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन, कैमरा, बेल्ट, आभूषण और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को परीक्षा केंद्रों पर पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
परीक्षा से एक दिन पहले पूरे प्रदेश में मॉक ड्रिल आयोजित कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। परीक्षा ड्यूटी में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त कर दी गई हैं। कई जिलों में स्थानांतरित अधिकारियों की रिलीविंग भी परीक्षा समाप्त होने तक रोक दी गई है।
प्रश्नपत्र वितरण की गोपनीय व्यवस्था
इस बार प्रश्नपत्र वितरण प्रक्रिया को अत्यंत गोपनीय रखा गया है। परीक्षा शुरू होने से लगभग एक घंटे पहले दिल्ली स्थित कंट्रोल सेंटर यह तय करेगा कि किस स्ट्रांग रूम से किस परीक्षा केंद्र के लिए प्रश्नपत्र भेजे जाएंगे। प्रश्नपत्र वायुसेना के विशेष विमान से भोपाल लाए गए हैं और सीआरपीएफ सुरक्षा में स्ट्रांग रूम में रखे गए हैं। परीक्षा दिवस पर सीआरपीएफ एस्कॉर्ट के साथ इन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा।
हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था
NTA ने परीक्षा में तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। प्रश्नपत्र ले जाने वाले वाहनों में GPS ट्रैकिंग होगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरे, मेटल डिटेक्टर, जैमर, आधिकारिक घड़ियां और आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक अभ्यर्थी की प्रवेश से पहले फ्रिस्किंग होगी। अतिरिक्त बायोमेट्रिक मशीनें और अतिरिक्त स्टाफ भी तैनात किए गए हैं।
साइबर कमांडो रखेंगे सोशल मीडिया पर नजर
पेपर लीक और अफवाहों पर रोक लगाने के लिए राज्य साइबर मुख्यालय में विशेष निगरानी सेल बनाई गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग एप्स पर नजर रखने के लिए 44 साइबर कमांडो तैनात किए गए हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा का समय और महत्वपूर्ण नियम
- परीक्षा समय: दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक
- प्रवेश प्रारंभ: सुबह 11:00 बजे
- मुख्य गेट बंद: दोपहर 1:30 बजे
- 1:30 बजे के बाद प्रवेश नहीं मिलेगा
- दिव्यांग अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय की सुविधा
- केवल एडमिट कार्ड, वैध पहचान पत्र और पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की अनुमति
एनटीए ने धार्मिक या पारंपरिक पोशाक पहनकर आने वाले अभ्यर्थियों को अतिरिक्त जांच के कारण समय से पहले पहुंचने की सलाह दी है। अभ्यर्थियों को हल्के रंग के साधारण कपड़े पहनने और धातु से बने सामान से बचने की सलाह दी गई है।
भोपाल और इंदौर में सबसे अधिक परीक्षार्थी
- इंदौर : 23,000+ अभ्यर्थी, 57 केंद्र
- भोपाल : 13,774 अभ्यर्थी, 32 केंद्र
- जबलपुर : 10,000+ अभ्यर्थी, 23 केंद्र
- ग्वालियर : लगभग 5,000 अभ्यर्थी, 25 केंद्र
- छिंदवाड़ा : 4,303 अभ्यर्थी, 8 केंद्र
- उज्जैन : 4,171 अभ्यर्थी, 8 केंद्र
- रतलाम : 3,358 अभ्यर्थी, 9 केंद्र
- सागर : 2,769 अभ्यर्थी, 5 केंद्र
- गुना : 1,700+ अभ्यर्थी, 5 केंद्र
- विदिशा : 1,709 अभ्यर्थी
- नर्मदापुरम : 1,283 अभ्यर्थी
- अशोकनगर : 865 अभ्यर्थी
ट्रैफिक और हेल्प डेस्क की विशेष व्यवस्था
राजधानी भोपाल में मेट्रो निर्माण कार्य और संभावित भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष एडवाइजरी जारी की है। अभ्यर्थियों को समय से पहले घर से निकलने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। प्रमुख परीक्षा केंद्रों के लिए विशेष रूट प्लान तैयार किया गया है।
वहीं, भोपाल, विदिशा, नर्मदापुरम, गुना और अशोकनगर रेलवे स्टेशनों पर हेल्प बूथ स्थापित किए गए हैं। जबलपुर में पहली बार विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए विशेष बस सेवा शुरू की गई है। अभिभावकों के लिए पेयजल, छाया, कूलर, पंखे और अस्थायी कैंटीन की भी व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा की सुरक्षा और गोपनीयता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी अभ्यर्थियों को निष्पक्ष, सुरक्षित और तनावमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
