मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में गामिनी ने दिए तीन शावकों को जन्म, भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 38

मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में एक बार फिर खुशियों की किलकारी गूंजी है। दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी ने तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इन नए शावकों के साथ भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 38 हो गई है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी साझा करते हुए इसे भारत के वन्यजीव संरक्षण अभियान की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने बताया कि गामिनी ने दूसरी बार तीन शावकों को जन्म दिया है और यह भारतीय धरती पर चीता जन्म का नौवां सफल प्रयास है।
भारत में चीता पुनर्वास की बड़ी उपलब्धि
यह सफलता प्रोजेक्ट चीता के तहत चल रहे ऐतिहासिक संरक्षण प्रयासों का परिणाम है। मंत्री ने बताया कि अब तक 27 भारतीय-जन्मे शावक जीवित हैं। इन तीन नए शावकों के साथ देश में कुल 38 चीते हो गए हैं, जो चीता पुनर्वास कार्यक्रम के लिए उत्साहजनक संकेत है।
प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत
भारत में प्रोजेक्ट चीता की औपचारिक शुरुआत 17 सितंबर 2022 को हुई थी। इस दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़कर इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ किया था।
इसके बाद दक्षिण अफ्रीका से भी चीतों को भारत लाया गया। यह दुनिया की पहली अंतरमहाद्वीपीय बड़ी जंगली मांसाहारी जीव स्थानांतरण परियोजना मानी जाती है।
फील्ड स्टाफ और चिकित्सा टीम की सराहना
केंद्रीय मंत्री ने इस उपलब्धि के लिए फील्ड स्टाफ और पशु-चिकित्सा टीमों की सराहना की, जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर चीतों की देखभाल सुनिश्चित की। उन्होंने गामिनी और उसके तीनों शावकों के स्वस्थ और मजबूत भविष्य की कामना की।
भारत में चीता पुनरुत्थान की यह गाथा वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अध्याय के रूप में दर्ज हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह परियोजना जैव विविधता संरक्षण के लिए मील का पत्थर साबित होगी।






