महाकुंभ से वायरल मॉडल हर्षा रिछारिया ने उज्जैन में लिया संन्यास, बनीं ‘स्वामी हर्षानंद गिरि’

मध्य प्रदेश के उज्जैन में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर महाकुंभ में वायरल हुई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और पूर्व मॉडल हर्षा रिछारिया संन्यास लेकर आध्यात्मिक जीवन में प्रवेश कर गईं। अब वह ‘स्वामी हर्षानंद गिरि’ के नाम से जानी जाएंगी। उन्हें मौनी तीर्थ आश्रम में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के पीठाधीश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज द्वारा विधि-विधान से संन्यास दीक्षा दी गई।
अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त में मंगलनाथ स्थित गंगाघाट पर संपन्न इस अनुष्ठान में शिखा और दंड त्याग की परंपराएं निभाई गईं। इसके साथ ही तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म कर उज्जैन संन्यास दीक्षा की प्रक्रिया पूरी की गई, जो पूर्व जीवन के पूर्ण त्याग का प्रतीक मानी जाती है। धार्मिक विधियों के बाद हर्षा ने नया नाम ‘स्वामी हर्षानंद गिरि’ धारण किया और आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत की।
संन्यास ग्रहण करने के बाद स्वामी हर्षानंद गिरि ने कहा कि यह उनके जीवन का नया अध्याय है और वे धर्म, संस्कृति एवं समाज सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लेती हैं। वहीं स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज ने संन्यास को एक अनुशासित और गंभीर प्रक्रिया बताते हुए कहा कि एक संन्यासी का आचरण पूरे समाज को प्रभावित करता है, इसलिए इसकी मर्यादा बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
भोपाल की रहने वाली हर्षा रिछारिया पहले एंकर, कंटेंट क्रिएटर और मेकअप आर्टिस्ट के रूप में सक्रिय थीं। महाकुंभ वायरल साध्वी के रूप में उनकी पहचान तब बनी जब प्रयागराज कुंभ के दौरान उनकी भगवा वस्त्रों में तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं। हालांकि, उनके ग्लैमर जगत से जुड़े पुराने जीवन को लेकर विवाद भी सामने आए, जिसके बाद वे लगातार चर्चा में बनी रहीं।
अब संन्यास लेकर उन्होंने अपने पिछले जीवन को पूरी तरह त्याग दिया है और आध्यात्मिक मार्ग अपनाया है। अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसर पर लिया गया यह निर्णय न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन में बड़ा बदलाव है, बल्कि समाज में भी एक अलग संदेश देता है कि आस्था और आत्मिक शांति की खोज किसी भी मोड़ पर संभव है।






