शुभेंदु सरकार के 12 दिन, बंगाल में 12 बड़े फैसले: मदरसों में वंदे मातरम से CAA तक बड़े बदलाव
शुभेंदु सरकार के 12 दिन, बंगाल में 12 बड़े फैसले: मदरसों में वंदे मातरम से CAA तक बदलाव
पश्चिम बंगाल में 9 मई को Suvendu Adhikari के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य में तेजी से कई बड़े प्रशासनिक और नीतिगत फैसले लिए गए हैं। महज 12 दिनों में सरकार के 12 बड़े फैसले चर्चा का विषय बने हुए हैं। इनमें मदरसों में वंदे मातरम अनिवार्य, CAA लागू करने की प्रक्रिया, आयुष्मान भारत योजना, गोहत्या पर सख्ती और BSF फेंसिंग जैसे फैसले प्रमुख हैं।
सीमा सुरक्षा के लिए BSF को जमीन
भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने के लिए सरकार ने BSF को बाड़ (फेंसिंग) लगाने हेतु 600 एकड़ जमीन 45 दिनों के भीतर सौंपने का फैसला लिया है। इससे लंबे समय से लंबित सीमा विवाद सुलझने की उम्मीद जताई जा रही है।
बंगाल में CAA लागू करने की प्रक्रिया शुरू
सरकार ने राज्य में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत 7 समुदायों के उन लोगों को लाभ मिलेगा जो 31 दिसंबर 2024 तक भारत आए हैं। साथ ही ऐसे लोगों को पुलिस कार्रवाई से संरक्षण देने की बात कही गई है।
आयुष्मान भारत योजना लागू
राज्य सरकार ने अब केंद्र की आयुष्मान भारत योजना को लागू करने का फैसला किया है। इससे पात्र गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलने का रास्ता साफ हुआ है।
मदरसों और स्कूलों में वंदे मातरम
केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के बाद राज्य में वंदे मातरम को लेकर नए नियम लागू किए गए हैं। आदेश के अनुसार, सभी स्कूलों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत से होगी, और यदि राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान दोनों गाए जाएं तो पहले ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा। सभी 6 अंतरे गाने और सावधान मुद्रा में खड़े रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी नौकरियों में राहत
सरकारी नौकरी और शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को राहत देते हुए उम्र सीमा में 5 साल की छूट देने का फैसला लिया गया है।
केंद्रीय ट्रेनिंग में जाएंगे अधिकारी
नई नीति के तहत अब IAS, IPS और WBPS अधिकारियों को केंद्र सरकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल होने की अनुमति दी गई है।
नए आपराधिक कानून लागू
राज्य में भारतीय न्याय संहिता (BNS) समेत नए केंद्रीय आपराधिक कानूनों को लागू करने का निर्णय लिया गया है, जो पुराने IPC और CrPC की जगह लेंगे।
हिंसा पीड़ित परिवारों को मदद
साल 2021 की चुनावी हिंसा में मारे गए 321 बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों को सरकारी नौकरी या आर्थिक सहायता देने का फैसला किया गया है। मामलों की दोबारा जांच की भी तैयारी है।
धर्म आधारित योजनाएं बंद
सरकार ने मदरसा विभाग और धर्म आधारित वित्तीय सहायता योजनाओं को जून से बंद करने का फैसला लिया है। सरकार का दावा है कि अब सभी के लिए समान योजनाएं चलाई जाएंगी।
महिलाओं के लिए ‘अन्नपूर्णा योजना’
1 जून से महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये आर्थिक सहायता देने के लिए ‘अन्नपूर्णा योजना’ शुरू की जाएगी। साथ ही सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा का ऐलान भी किया गया है।
पुरानी नियुक्तियां रद्द
सरकारी बोर्ड, निगम और आयोगों में की गई कई मनोनीत नियुक्तियां समाप्त कर दी गई हैं। रिटायरमेंट के बाद दोबारा नियुक्त अधिकारियों की सेवाएं भी खत्म की गई हैं।
गोहत्या पर सख्ती
सरकार ने 1950 के कानून और हाईकोर्ट आदेश का हवाला देते हुए बिना फिटनेस सर्टिफिकेट किसी भी मवेशी या भैंस के वध पर प्रतिबंध से जुड़ा नोटिस जारी किया है।
इन फैसलों के बाद बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। समर्थक इसे बड़े सुधारों की शुरुआत बता रहे हैं, जबकि विपक्ष सरकार के कदमों पर सवाल उठा रहा है।





