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दिल्ली-एनसीआर में तीन दिवसीय परिवहन हड़ताल शुरू, जरूरी सेवाओं पर असर की आशंका

दिल्ली-एनसीआर में तीन दिवसीय परिवहन हड़ताल शुरू, आवश्यक सेवाओं के प्रभावित होने की संभावना

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार से ट्रक, टैक्सी और ऑटो चालकों की तीन दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई है। इस हड़ताल का आह्वान All India Motor Transport Congress (एआईएमटीसी) ने किया है। बताया जा रहा है कि करीब 68 ट्रांसपोर्ट एसोसिएशनों ने दिल्ली सरकार द्वारा कमर्शियल वाहनों पर ग्रीन टैक्स (पर्यावरण मुआवजा उपकर) बढ़ाने के विरोध में इस बंद का समर्थन किया है।

रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर बढ़ी परेशानी

हड़ताल का असर दिल्ली के रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर साफ दिखाई देने लगा है। यात्रियों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में लोग अब बसों, मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का सहारा लेने को मजबूर हैं।

कई रेलवे स्टेशनों के बाहर यात्रियों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जबकि प्रमुख बाजारों में ट्रक और वाणिज्यिक वाहन खड़े नजर आ रहे हैं।

दूध, फल और सब्जियों की आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा

इस हड़ताल के कारण दूध, फल, सब्जी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आवश्यक सेवाओं से जुड़े कई ट्रांसपोर्टरों ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है, जिससे सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है।

यूनियन की क्या हैं मांगें?

परिवहन यूनियनों का कहना है कि ट्रक, टैक्सी और ऑटो के किराए में लंबे समय से बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि सीएनजी और अन्य आवश्यक खर्च लगातार बढ़ रहे हैं

यूनियन की प्रमुख मांगें हैं:

  • कमर्शियल वाहनों पर बढ़ाए गए ग्रीन टैक्स को वापस लिया जाए
  • टैक्सी, ट्रक और ऑटो किराए में बढ़ोतरी की जाए
  • परिवहन क्षेत्र से जुड़े बढ़ते खर्चों को देखते हुए राहत दी जाए

गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर में लाखों लोग रोजाना सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहते हैं, ऐसे में इस हड़ताल का असर आम जनजीवन और यातायात व्यवस्था पर देखने को मिल रहा है।

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