14 साल की सानिका ने लिखी किताब: ‘Whispers of Wonder’; छोटी खुशियों को कविताओं में उतारा

इंदौर। शहर की 14 वर्षीय छात्रा सानिका एस. शर्मा की पहली कविता पुस्तक ‘Whispers of Wonder’ अगस्त 2026 में प्रकाशित हुई है। सानिका कक्षा 9वीं की छात्रा हैं। कम उम्र में ही उन्होंने लेखन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनानी शुरू कर दी है।
पुस्तक का प्रकाशन BookLeaf Publishing से हुआ है। इसमें सानिका ने प्रकृति, भावनाओं, रोजमर्रा की जिंदगी और आसपास की छोटी-छोटी खूबसूरत चीजों को कविताओं के जरिए लिखा है।
पेड़ की जिंदगी को कविता में बताया
पुस्तक की प्रमुख रचनाओं में ‘The Tree Saga’ शामिल है। सानिका को इसकी प्रेरणा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से मिली। कविता में एक पेड़ की पूरी जीवन यात्रा को बताया गया है।
इसमें बीज से लेकर जड़, तना, शाखाएं, पत्तियां, फूल और फल तक के सफर को कविता के रूप में पेश किया गया है। इसके जरिए सानिका ने प्रकृति से जुड़ाव और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता का संदेश दिया है।

Emily Dickinson Award भी मिल चुका
सानिका के लेखन को Emily Dickinson Award से भी सम्मानित किया जा चुका है। इस सम्मान ने उन्हें आगे भी लिखने के लिए प्रेरित किया। सानिका का कहना है कि आज की व्यस्त जिंदगी में लोग अपने आसपास की छोटी-छोटी खूबसूरत चीजों पर ध्यान नहीं दे पाते। उनकी कविताएं लोगों को कुछ पल रुककर प्रकृति और आसपास की दुनिया को महसूस करने की प्रेरणा देती हैं।
परिवार से मिली साहित्य की विरासत
सानिका के परिवार में भी साहित्य से जुड़ी पृष्ठभूमि रही है। उनके परनाना श्री नटवरलाल स्नेही हिंदी के प्रतिष्ठित कवि थे। वे ‘गांधी मानस’ महाकाव्य के रचयिता और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भी रहे।
परिवार से मिले साहित्यिक माहौल और प्रोत्साहन ने सानिका की रचनात्मक प्रतिभा को आगे बढ़ाने में मदद की। उनके पिता सिद्धार्थ शर्मा वैल्यूर एवं इंजीनियर हैं, जबकि मां पूनम शर्मा कंस्ट्रक्शन कारोबार से जुड़ी हैं।

उम्र नहीं, सोच जरूरी
‘Whispers of Wonder’ को सानिका की कल्पना और जिज्ञासा की यात्रा के रूप में देखा जा रहा है। उनकी पुस्तक का संदेश है कि कुछ नया लिखने और अपनी आवाज दुनिया तक पहुंचाने के लिए उम्र कभी बाधा नहीं होती।