वैल्यू 360 कम्युनिकेशंस की कमजोर लिस्टिंग, अपर सर्किट के बावजूद आईपीओ निवेशकों को नुकसान

मार्केटिंग और पीआर सॉल्यूशन क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी Value 360 Communications ने शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश किया है। कंपनी के शेयर सोमवार को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर भारी डिस्काउंट के साथ सूचीबद्ध हुए। हालांकि लिस्टिंग के बाद शेयर में कुछ रिकवरी देखने को मिली और यह अपर सर्किट तक पहुंच गया, लेकिन इसके बावजूद आईपीओ निवेशकों को नुकसान का सामना करना पड़ा।

कंपनी के शेयर आईपीओ के तहत 98 रुपये प्रति शेयर के भाव पर जारी किए गए थे। लेकिन बाजार में इसकी शुरुआत 20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78.40 रुपये पर हुई। कमजोर लिस्टिंग के बाद शुरुआती कारोबार में खरीदारी का कुछ समर्थन मिला, जिससे शेयर उछलकर 82.30 रुपये के अपर सर्किट स्तर तक पहुंच गया। इसके बावजूद निवेशकों को इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 16.02 प्रतिशत का नुकसान झेलना पड़ा।

गौरतलब है कि कंपनी का 41.69 करोड़ रुपये का आईपीओ 4 मई से 6 मई के बीच निवेशकों के लिए खुला था। इस इश्यू को निवेशकों की ओर से अपेक्षाकृत ठंडी प्रतिक्रिया मिली थी और यह कुल मिलाकर केवल 1.20 गुना सब्सक्राइब हुआ। हालांकि, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) श्रेणी में इसे अच्छा रिस्पॉन्स मिला और यह हिस्सा 17 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) श्रेणी 1.24 गुना सब्सक्राइब हुई, जबकि रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी केवल 0.77 गुना ही भर पाई।

इस आईपीओ के तहत कंपनी ने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 37 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए थे। इसके अलावा 4.24 लाख से अधिक शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचे गए। कंपनी ने आईपीओ से जुटाई गई पूंजी का उपयोग पुराने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करने की योजना बनाई है।

वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने हाल के वर्षों में लाभ में लगातार सुधार दर्ज किया है। सेबी के पास जमा दस्तावेजों के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 1.21 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो 2023-24 में बढ़कर 4.12 करोड़ रुपये और 2024-25 में 5.79 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में जनवरी तक कंपनी 7.62 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज कर चुकी थी।

राजस्व के मोर्चे पर कंपनी की कमाई में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का कुल राजस्व 51.34 करोड़ रुपये था, जो अगले वर्ष घटकर 50.80 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि 2024-25 में इसमें सुधार हुआ और राजस्व बढ़कर 54.74 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। जनवरी 2026 तक कंपनी 55.08 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर चुकी थी।

हालांकि, कंपनी पर कर्ज का बोझ भी बढ़ता रहा है। जनवरी 2026 तक कंपनी पर 16.67 करोड़ रुपये का कर्ज दर्ज किया गया, जो पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर रिटेल सब्सक्रिप्शन और एसएमई सेगमेंट में सीमित निवेशक रुचि की वजह से शेयर की लिस्टिंग उम्मीद से कमजोर रही। आने वाले समय में कंपनी का प्रदर्शन उसके वित्तीय नतीजों और कारोबारी विस्तार पर निर्भर करेगा।

Share

Similar Posts