भारत में होगा इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस का पहला वैश्विक सम्मेलन, प्रधानमंत्री मोदी करेंगे उद्घाटन

भारत की पहल पर गठित International Big Cat Alliance (आईबीसीए) के पहले वैश्विक सम्मेलन का आयोजन आगामी 1 जून को नई दिल्ली में किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री Narendra Modi करेंगे। राजधानी स्थित Bharat Mandapam में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में दुनिया के 95 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
सम्मेलन की थीम “विशालकाय बिल्लियों को बचाओ, पारिस्थितिकी तंत्र को बचाओ, मानवता को बचाओ” रखी गई है। इस दौरान बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा जैसी सात प्रमुख बिग कैट प्रजातियों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा और वैश्विक स्तर पर संरक्षण रणनीतियों पर व्यापक चर्चा की जाएगी।
आईबीसीए के महानिदेशक डॉ. एस.पी. यादव ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि इस सम्मेलन में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, सरकार प्रमुख, नीति निर्माता, वैज्ञानिक और वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञ शामिल होंगे। सम्मेलन का उद्देश्य बिग कैट संरक्षण के लिए वैश्विक सहयोग को मजबूत करना और सदस्य देशों के अनुभवों को साझा करना है।
सम्मेलन के दौरान “दिल्ली घोषणा पत्र” (Delhi Declaration) को भी अपनाया जाएगा, जिसे विशालकाय बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण वैश्विक दस्तावेज माना जा रहा है। इस घोषणा पत्र के जरिए सदस्य देशों के बीच संरक्षण प्रयासों को लेकर साझा रणनीति और प्रतिबद्धता को मजबूत करने की कोशिश की जाएगी।
1 और 2 जून को राजधानी के Taj Palace में तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में 400 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि, नीति निर्माता और कॉर्पोरेट जगत के सदस्य भाग लेंगे। इसमें वन्यजीव संरक्षण में तकनीक, वित्तीय सहयोग, अनुसंधान और नीति सुधार जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
सम्मेलन को आकर्षक बनाने के लिए एक विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिसमें जनजातीय कला, बिग कैट्स पर आधारित चित्रकला, फोटोग्राफी, डॉक्यूमेंट्री फिल्में और वर्चुअल रियलिटी अनुभव शामिल होंगे। आयोजकों का मानना है कि इससे आम लोगों में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, विशालकाय बिल्ली प्रजातियां पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनके प्राकृतिक आवास जलवायु परिवर्तन से मुकाबले में कार्बन सिंक के रूप में कार्य करते हैं और जल स्रोतों की सुरक्षा में भी योगदान देते हैं। हालांकि, जंगलों के सिकुड़ने, मानव-वन्यजीव संघर्ष, जलवायु परिवर्तन और बीमारियों जैसी चुनौतियों के कारण इन प्रजातियों पर खतरा लगातार बढ़ रहा है।
गौरतलब है कि इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस की शुरुआत अप्रैल 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर की गई थी। मार्च 2024 में केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद इसका औपचारिक गठन हुआ और फरवरी 2025 से यह पूरी तरह सक्रिय हो गया। भारत सरकार ने अगले पांच वर्षों में इस पहल के लिए लगभग 18 मिलियन अमेरिकी डॉलर की वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है।






