13 नवंबर तक चलेगा तीनों सेनाओं का महा अभ्यास ‘त्रिशूल’, पाकिस्तान सीमा पर युद्धस्तरीय तैयारी

नई दिल्ली, 31 अक्टूबर 2025
भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना का संयुक्त महा अभ्यास ‘त्रिशूल’ पाकिस्तान से लगी पश्चिमी सीमा पर जारी है। यह अभ्यास 13 नवंबर तक चलेगा। नौसेना ऑपरेशन महानिदेशक वाइस एडमिरल ए. एन. प्रमोद ने बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य तीनों सेनाओं और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय और तालमेल को मजबूत करना है।
वाइस एडमिरल प्रमोद ने जानकारी दी कि इस अभ्यास में भारतीय सेना का दक्षिणी कमान, नौसेना का पश्चिमी कमान, वायुसेना का दक्षिण-पश्चिमी कमान, तटरक्षक बल, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और अन्य केंद्रीय एजेंसियां भाग ले रही हैं। नौसेना इस अभ्यास में 20 से 25 युद्धपोतों, जबकि वायुसेना 40 लड़ाकू विमानों के साथ हिस्सा ले रही है।
उन्होंने कहा कि ‘त्रिशूल’ अभ्यास का मुख्य उद्देश्य समुद्री और हवाई रक्षा बलों के बीच संयुक्त संचालन क्षमता और रणनीतिक प्रतिक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में भारत की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इसी दौरान, नौसेना उपप्रमुख वाइस एडमिरल संजय वात्सायन ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बेड़ा निरीक्षण और मिलन अभ्यास 2026 का आयोजन फरवरी में विशाखापत्तनम में किया जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय अभ्यास में अमेरिका और रूस सहित कई देशों ने अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है।
वाइस एडमिरल वात्सायन ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है, और नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में सक्रिय रूप से निगरानी कर रही है। उन्होंने बताया कि नौसेना हर चीनी पोत की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख रही है, ताकि भारत की समुद्री सीमाएं पूर्ण रूप से सुरक्षित रहें।
यह अभ्यास भारत की रणनीतिक तैयारियों और त्रि-सेनाओं के सहयोगात्मक सामर्थ्य को दर्शाता है, जो भविष्य की किसी भी चुनौती से निपटने के लिए मजबूत आधार प्रदान करेगा।






