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पुणे में संपीड़ित बायोगैस सम्मेलन 2026 का उद्घाटन, नितिन गडकरी बोले— बायोगैस से कम होगी ईंधन आयात पर निर्भरता

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि भारत की ईंधन आयात पर निर्भरता कम करने और देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए बायोगैस सबसे बेहतर विकल्प बनकर उभर सकती है। उन्होंने यह बात पुणे में आयोजित Compressed Biogas Conference 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कही।

पुणे स्थित यशवंतराव चव्हाण विकास प्रशासन अकादमी में आयोजित इस सम्मेलन में भारतीय हरित ऊर्जा संघ के अध्यक्ष प्रमोद चौधरी और सांसद डॉ. टी. कृष्ण प्रसाद सहित कई विशेषज्ञ और उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान गडकरी ने हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं और पहलों का भी उल्लेख किया।

गडकरी ने कहा कि वर्तमान में भारत का वार्षिक Fuel Import Bill 16 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, जो देश की अर्थव्यवस्था पर बड़ा बोझ है। उन्होंने कहा कि इस निर्भरता को कम करने के लिए Compressed Biogas (CBG) जैसे स्वदेशी, सस्ते और पर्यावरण-अनुकूल ईंधन को तेजी से बढ़ावा देना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि कृषि अवशेषों और जैविक कचरे से तैयार होने वाली Biogas India के लिए एक बड़ा अवसर है। खासकर दिल्ली और आसपास के राज्यों में पराली जलाने की समस्या को भी बायोगैस उत्पादन के माध्यम से काफी हद तक कम किया जा सकता है।

गडकरी ने कहा कि यदि देश में बड़े पैमाने पर Green Energy India के तहत बायोगैस परियोजनाएं विकसित की जाती हैं, तो इससे न केवल पर्यावरण को फायदा होगा बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में भी मदद मिलेगी।

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