अमेरिकी सीनेट ने ट्रंप की व्यापार नीति को दी चुनौती, आयात पर व्यापक टैरिफ प्रस्ताव 51-47 के बहुमत से पारित

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की व्यापार नीति को सीनेट से कड़ा झटका मिला है। सीनेट ने अन्य देशों से आयात पर व्यापक टैरिफ लगाने की ट्रंप प्रशासन की योजना को चुनौती देते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। यह प्रस्ताव 51-47 के बहुमत से पारित हुआ, जिसमें चार रिपब्लिकन सांसदों ने डेमोक्रेट्स के साथ मतदान करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों का विरोध किया।
हालांकि यह मतदान मुख्य रूप से प्रतीकात्मक है क्योंकि प्रतिनिधि सभा में इसके रोके जाने की संभावना है, लेकिन इसे ट्रंप प्रशासन की व्यापार नीतियों के खिलाफ एक मजबूत राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटरों ने एक आपातकालीन आर्थिक कानून के कम चर्चित प्रावधान का उपयोग कर मतदान प्रक्रिया शुरू की। इसी प्रावधान का उपयोग राष्ट्रपति ट्रंप ने अप्रैल में “वैश्विक व्यापार आपातकाल” घोषित करने के लिए किया था। उस घोषणा के तहत उन्होंने सभी विदेशी देशों से आने वाले सामानों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का आदेश जारी किया था, जिसे उन्होंने “मुक्ति दिवस” नाम दिया था।
प्रस्ताव के नेता सीनेटर रॉन वाइडेन ने राष्ट्रपति ट्रंप पर अपने संवैधानिक अधिकार क्षेत्र से बाहर जाने का आरोप लगाते हुए कहा, “राष्ट्रपति ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया है। कांग्रेस को व्यापार नीतियों में अपनी भूमिका वापस लेनी होगी।”
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार संबंधों पर दूरगामी प्रभाव डाल सकता है। ट्रंप प्रशासन की “अमेरिका फर्स्ट” नीति ने पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय व्यापार विवादों को जन्म दिया है, और यह प्रस्ताव उस नीति के खिलाफ एक नई राजनीतिक जंग की शुरुआत मानी जा रही है।






