अमेरिका-ईरान समझौते के 14 बड़े पॉइंट्स: होर्मुज 60 दिन फ्री, 300 अरब डॉलर पुनर्निर्माण योजना और परमाणु हथियारों पर रोक
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम सामने आया है। दोनों देशों ने 14 बिंदुओं वाले एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian द्वारा हस्ताक्षरित इस समझौते में सैन्य संघर्ष समाप्त करने, होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने, प्रतिबंधों में राहत और परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण जैसे कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं।
1. सभी मोर्चों पर सैन्य संघर्ष समाप्त
समझौते के अनुसार अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगी देशों के बीच सभी सैन्य अभियानों को तत्काल प्रभाव से रोकने पर सहमति बनी है। इसमें क्षेत्रीय संघर्षों को कम करने और भविष्य में सैन्य टकराव से बचने का संकल्प भी शामिल है।
2. एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान
दोनों देशों ने एक-दूसरे की स्वतंत्रता, क्षेत्रीय अखंडता और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की नीति अपनाने पर सहमति व्यक्त की है।
3. 60 दिनों में अंतिम समझौते का लक्ष्य
MoU को प्रारंभिक समझौता माना गया है। अमेरिका और ईरान ने अगले 60 दिनों के भीतर एक व्यापक और अंतिम समझौते पर पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
4. अमेरिका हटाएगा समुद्री नाकेबंदी
समझौते के तहत अमेरिका ईरानी बंदरगाहों और समुद्री व्यापार पर लगाए गए प्रतिबंधों और नौसैनिक अवरोधों को चरणबद्ध तरीके से हटाएगा। 30 दिनों के भीतर इस प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
5. होर्मुज जलडमरूमध्य 60 दिनों तक खुला रहेगा
ईरान ने वादा किया है कि अगले 60 दिनों तक Strait of Hormuz से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित और निर्बाध मार्ग उपलब्ध कराया जाएगा। इस अवधि में अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
6. ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर की योजना
समझौते में ईरान के आर्थिक पुनर्निर्माण और विकास के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर (करीब 28 लाख करोड़ रुपये) की योजना तैयार करने का प्रस्ताव शामिल है। हालांकि इसकी अंतिम रूपरेखा व्यापक समझौते के बाद तय होगी।
7. आर्थिक प्रतिबंधों में राहत
अमेरिका ने अंतिम समझौते के बाद ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की प्रतिबद्धता जताई है।
8. परमाणु हथियार नहीं बनाएगा ईरान
ईरान ने दोहराया है कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा और न ही उन्हें हासिल करने का प्रयास करेगा। साथ ही संवर्धित यूरेनियम के प्रबंधन और निगरानी पर आगे चर्चा होगी।
9. वार्ता के दौरान यथास्थिति बनाए रखने पर सहमति
दोनों देशों ने बातचीत जारी रहने तक मौजूदा व्यवस्था को बनाए रखने और किसी उकसावे वाली कार्रवाई से बचने पर सहमति जताई है।
10. तेल निर्यात को राहत
MoU लागू होते ही ईरानी तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और उनसे जुड़ी बैंकिंग, बीमा तथा परिवहन सेवाओं के लिए विशेष छूट दिए जाने का प्रावधान रखा गया है।
11. फ्रीज संपत्तियों तक पहुंच
अमेरिका ने ईरान की कुछ प्रतिबंधित या फ्रीज की गई संपत्तियों और वित्तीय संसाधनों तक पहुंच उपलब्ध कराने पर सहमति व्यक्त की है।
12. निगरानी तंत्र का गठन
समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष निगरानी और समन्वय तंत्र बनाया जाएगा।
13. अंतिम समझौते पर औपचारिक वार्ता
दोनों देश व्यापक और दीर्घकालिक समझौते के लिए औपचारिक वार्ता प्रक्रिया शुरू करेंगे।
14. संयुक्त राष्ट्र की वैधता का प्रयास
अंतिम समझौते को अंतरराष्ट्रीय वैधता दिलाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव लाने का प्रयास किया जाएगा।
वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता सफलतापूर्वक लागू होता है तो मध्य पूर्व में तनाव कम हो सकता है, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति अधिक स्थिर हो सकती है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
हालांकि अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए अभी कई संवेदनशील मुद्दों पर विस्तृत बातचीत बाकी है। ऐसे में अगले 60 दिन अमेरिका और ईरान दोनों के लिए निर्णायक माने जा रहे हैं।
