यूएई में फर्जी वीडियो फैलाने के आरोप में 10 गिरफ्तार, दो भारतीय और एक नेपाली शामिल

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भ्रामक और एआई से तैयार किए गए वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाने के आरोप में दो भारतीय और एक नेपाली नागरिक सहित कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर मिसाइल हमले और एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़े वीडियो रिकॉर्ड करने और नकली वीडियो वायरल करने का आरोप है।
महाधिवक्ता के आदेश पर हुई गिरफ्तारी
नेपाल के विदेश विभाग के अनुसार यूएई के महाधिवक्ता डॉ. हमाद सेफ अल शम्सी के आदेश पर इन सभी को गिरफ्तार किया गया और तत्काल कानूनी कार्रवाई के लिए अर्जेंट ट्रायल में भेजा गया है।
गिरफ्तार लोगों में दो भारतीय, एक नेपाली, और मिस्र, फिलीपींस, वियतनाम, पाकिस्तान, ईरान, बांग्लादेश तथा कैमरून के एक-एक नागरिक शामिल हैं।
एआई से बनाए गए नकली वीडियो
यूएई के विदेश विभाग के बयान के अनुसार जांच में पाया गया कि आरोपितों ने एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा हमले को हवा में ही निष्क्रिय किए जाने के वास्तविक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे।
इसके अलावा उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का इस्तेमाल कर यूएई के प्रमुख स्थानों पर मिसाइल गिरने, आग लगने और धुआं उठने जैसे नकली वीडियो तैयार कर उन्हें वायरल किया।
बच्चों की भावनाओं का भी किया इस्तेमाल
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ वीडियो में बच्चों की भावनाओं का उपयोग कर देश में बड़े सुरक्षा खतरे का माहौल दिखाने की कोशिश की गई।
कुछ मामलों में विदेशों में हुई घटनाओं को यूएई की घटना बताकर अफवाह फैलाने का प्रयास किया गया।
राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे की आशंका
नेपाल के विदेश विभाग के मुताबिक ऐसी गतिविधियों से राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और देश की स्थिरता पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा यूएई की रक्षा क्षमता से जुड़ी गोपनीय जानकारी बाहर जाने का खतरा भी बढ़ जाता है।
दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा
महाधिवक्ता डॉ. हमाद सेफ अल शम्सी के अनुसार यदि आरोप साबित होते हैं तो दोषियों को कम से कम एक वर्ष की जेल और न्यूनतम एक लाख दिरहम (करीब 41 लाख नेपाली रुपये) का जुर्माना हो सकता है।
फिलहाल सभी आरोपितों को हिरासत में रखकर पूछताछ की जा रही है।






