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उज्जैन में खड़े हनुमान मंदिर को लेकर विवाद: उमा भारती बोलीं- आस्था को बचाकर निकालें रास्ता; साध्वी हर्षा ने दी चेतावनी

उज्जैन।  सती गेट के पास सड़क चौड़ीकरण के बीच खड़े हनुमान की प्रतिमा प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है। 4 सितंबर से प्रतिमा को हटाने की कवायद शुरू होने की बात सामने आई, लेकिन इतना समय बीत जाने के बाद भी मूर्ति अपने स्थान पर है। इस दौरान मंदिर के आसपास का अधिकांश हिस्सा हटाया जा चुका है और प्रतिमा को फिलहाल टेंट से सुरक्षित रखा गया है।

हालांकि प्रशासन अब प्रतिमा हटाने की कोशिश से इनकार कर रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मध्य प्रदेश समेत गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

उमा भारती ने लिखा मुख्य्मंत्री को पत्र
खड़े हनुमान मंदिर मामले में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि भोपाल में कमलापति रोड के चौड़ीकरण के दौरान मस्जिद को बिना नुकसान पहुंचाए रास्ता निकाला गया था। उसी तर्ज पर उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर का समाधान भी संभव है। उन्होंने प्रशासन से आस्था और विकास के बीच संतुलन बनाकर रास्ता निकालने की बात कही।

साध्वी हर्षानंद ने दिया 2 दिन का सरकार को अल्टीमेटम
उज्जैन में खड़े हनुमान मंदिर को लेकर विवाद के बीच गुरुवार को साध्वी हर्षानंद गिरि यानी हर्षा रिछारिया मंदिर पहुंचीं। उन्होंने पूजा-अर्चना कर प्रतिमा हटाने के प्रयासों का विरोध किया। साध्वी ने प्रशासन से मंदिर पहुंचकर माफी मांगने, पूजा करने और मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लेने की मांग की।

उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनशन और धरना शुरू करेंगी। सरकार को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि बाबा के लिए आवाज उठाने की उन्हें हिम्मत मिले।

पंडित बोल- पहले चिमनी को नहीं हटाया गया, अब बाबा को क्यूं हटाना है?
पंडित शंकर लक्ष्मी नारायण जोशी ने बताया, मैं उज्जैन लोकल से हूँ। आपने देखा होगा, नीलगंगा जो क्षेत्र है, नीलगंगा से लोटी स्कूल वाला जो क्षेत्र है, वहाँ पर बीच में एक चिमनी आ रही है। सबको ज्ञात होगा, उस चिमनी को नहीं हटाया गया, उसके आसपास से जो है रोड निकाला प्रशासन ने।

वहाँ पर भगवान हनुमान जी महाराज का भी मंदिर है, तो उसको डिवाइडर में कन्वर्ट किया गया। तो भैया, उधर भी रोड है, इधर भी रोड है, बाबा मध्य में विराजमान हैं। तो जब वहाँ चिमनी के लिए रोड अलग से निकल सकता है, तो मेरा प्रशासनिक लोगों से हाथ जोड़ के, दंडवत प्रणाम करके निवेदन है कि यहाँ भी कुछ विकल्प निकाले, पर बाबा को मत हटाइए।

क्यों हटाया जा रहा मंदिर
2028 मे उज्जैन मे सिंहस्थ मेले का आयोजन होने वाला है। जिसके लिए लगातार विकास और सड़क चौड़ीकरण का कार्य जारी है। इसी कड़ी मे उज्जैन के कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण का काम जारी है। करीब 15 मीटर चौड़ी होने वाली सड़क की जद में प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर भी आ रहा है।

प्रतिमा हटाने निगम की टीम कटर लेकर पहुंची, लेकिन भक्तों ने विरोध कर दिया। श्रद्धालुओं का कहना था कि मशीन से दबाव पड़ने पर प्रतिमा को नुकसान हो सकता है। इससे पहले मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग की गई थी। भक्तों ने निगम कमिश्नर को ज्ञापन देकर विशेषज्ञों की निगरानी में प्रतिमा हटाने की मांग की।

पुजारी बोले- प्रशासन से विरोध नहीं, मूर्ति की सुरक्षा जरूरी
मंदिर के पुजारी ने साफ किया कि प्रशासन से उनका कोई विवाद नहीं है। उनकी चिंता सिर्फ प्रतिमा की सुरक्षा को लेकर है। उनका कहना है कि आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों की निगरानी में पहले प्रतिमा की जांच हो।

विशेषज्ञ जिस प्रक्रिया को सुरक्षित मानें, उसी तरीके से प्रतिमा को नई जगह स्थापित किया जाए। उनके मुताबिक, प्रतिमा को बिना नुकसान पहुंचाए विस्थापित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

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