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त्रिशूली नदी के उफान में फंसा इंदौर-देवास-भोपाल का परिवार: 36 सदस्य लापता, 3 दिन से मोबाइल भी बंद

इंदौर/भोपाल। नेपाल में कुदरत का कहर बरसा है और इस भीषण तबाही के बीच मध्य प्रदेश के कई परिवारों की सांसें अटकी हुई हैं। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से नेपाल गए करीब 36 नागरिकों के लापता होने से हड़कंप मच गया है। इनमें सबसे भयावह और चिंताजनक स्थिति राजधानी भोपाल के कोलार निवासी एक ही परिवार की है, जिसके 29 सदस्य कई दिनों से लापता हैं।

इंदौर की शीबा प्रसाद मलिक, देवास के शाहजहां अंसारी, विदिशा की स्वाति बागरेचा और हरदा के जमीर परिवार के लोग भी नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे हुए हैं। स्टेट कंट्रोल रूम के अनुसार, हाइड्रो पावर प्लांट से जुड़े दो सगे भाइयों विशेष राजपूत और हिमांशु राजपूत का भी कुछ पता नहीं चल पा रहा है। इनके अलावा सुनील शुभंकर, सागर गुर्जर, पलक और पल्लवी मांझी से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।

29 सदस्यों का परिवार गोसाईंकुंड गया था, बस पानी के बहाव में फंसी

भोपाल के कोलार निवासी देविका अधिकारी ने बताया कि उनके परिवार के 29 सदस्य त्रिशूली नदी के पास स्थित धार्मिक स्थल गोसाईंकुंड की यात्रा पर गए थे। सभी लोग चार अलग-अलग बसों में सफर कर रहे थे। 26 अगस्त की सुबह करीब 9:30 बजे परिजनों से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। उस समय उन्होंने रोते हुए बताया था कि उनकी बस नदी के तेज उफान में फंस गई है और कभी भी बह सकती है। इसके बाद से ही सभी के मोबाइल स्विच ऑफ आ रहे हैं।

‘छत पर पहुंचे तो वहां भी पानी आ गया, बच्चों को लेकर डर लग रहा है’

देविका के मुताबिक उनके जेठ-जेठानी से आखिरी बातचीत के दौरान हालात बेहद भयावह थे। जान बचाने के लिए परिवार के सदस्य एक मकान की छत पर चढ़ गए थे, लेकिन बाढ़ का पानी वहां तक भी पहुंच गया। घबराई हुई जेठानी ने रोते हुए कहा था  “चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी दिख रहा है। बच्चों को बचाना मुश्किल लग रहा है, हम पहाड़ की तरफ भागने की कोशिश कर रहे हैं।” यह कहते ही नेटवर्क चला गया और संपर्क हमेशा के लिए टूट गया।

पोखरा में देवास के शाहजहां की आखिरी लोकेशन, हरदा का जमीर परिवार भी बेखबर

देवास के रहने वाले शाहजहां अंसारी नेपाल में अपने रिश्तेदार से मिलने गए थे। उनकी आखिरी लोकेशन पोखरा मिली थी, जिसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका है। उधर, हरदा के जमीर परिवार का कहना है कि त्रिशूली नदी के मुहाने पर बसे उनके माता-पिता और रिश्तेदारों से बीते तीन दिनों से कोई बातचीत नहीं हो सकी है। मध्य प्रदेश का प्रशासन और कंट्रोल रूम नेपाल पुलिस और रेस्क्यू टीमों से लगातार तालमेल बिठाकर लोगों को खोजने में जुटा हुआ है।

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