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चित्रकूट में जलप्रलय जैसे हालात: रामघाट-भरतघाट डूबे, सड़कों पर चलीं नावें; MP-UP सड़क संपर्क टूटा

सतना। जिले में पिछले 14 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी उफान पर है। रामघाट और भरतघाट पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। घाट किनारे की करीब 400 दुकानें भी जलमग्न हो गई हैं।

हालात को देखते हुए सेना के दो हेलीकॉप्टर राहत और बचाव के लिए लगाए गए हैं। हेलीकॉप्टरों की मदद से बहाव में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। राहत कार्य के लिए कटनी से एसडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई है। एनडीआरएफ को अलर्ट पर रखा गया है।

रामघाट की 400 दुकानें डूबीं, सड़क पर चलीं नावें
मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने से रामघाट और भरतघाट पूरी तरह डूब गए। घाट किनारे बनी करीब 400 दुकानों में पानी भर गया। कई दुकानों का सामान भी बह गया। हालात इतने बिगड़ गए कि सड़कों पर नाव चलानी पड़ी। नयागांव राजमहल तक पानी पहुंच गया है। करीब 25 फीट ऊंचा बड़ा पुल भी क्षतिग्रस्त हुआ है।

सतना-चित्रकूट मार्ग तीन जगहों से बंद हो गया है। इससे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क टूट गया है। कोठी-जैतवारा मार्ग पर लगना नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। इसके चलते इस मार्ग पर भी यातायात रोक दिया गया है।

टोंस नदी खतरे के निशान के करीब
टोंस (टमस) नदी का जलस्तर 287.40 मीटर पहुंच गया है। यह खतरे के निशान से सिर्फ 1.60 मीटर नीचे है। लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया है।

रेलवे ट्रैक पर पानी, कई ट्रेनें रुकीं
बारिश का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। मुंबई-हावड़ा रेलखंड के खुटहा-चितहरा के बीच रेलवे ट्रैक पर पानी भर गया। इसके चलते अप और डाउन ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। आनंद विहार-रीवा समेत कई ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों पर घंटों खड़ी रहीं। यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सतना शहर में घरों में घुसा पानी, अंडरब्रिज में फंसी स्कूल बस
सतना शहर में भी बारिश ने नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए। मुख्तियारगंज और बरदाडीह इलाके के कई घरों में कमर तक पानी भर गया। कोतवाली चौक अंडरब्रिज में करीब दो फीट पानी भरने के दौरान एक स्कूल बस फंस गई। बस में बच्चे सवार थे।

सूचना मिलने पर एसडीएम और निगम कमिश्नर मौके पर पहुंचे और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रशासन की टीमें लगातार संवेदनशील इलाकों पर नजर रख रही हैं। लोगों से नदी, नाले और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की गई है।

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