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इंदौर के शिशुकुंज स्कूल में बच्चों की तबीयत बिगड़ी, लंच के बाद पेट दर्द और उल्टी की शिकायत

इंदौर के झलारिया स्थित शिशुकुंज स्कूल में शनिवार को लंच के बाद कुछ छात्रों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। कई बच्चों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हुई। घटना के बाद कुछ अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन के प्रति नाराजगी जताई। इस बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ अभिभावक स्कूल परिसर में हंगामा करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वीडियो कब का है और इसका घटना से सीधा संबंध है या नहीं।

अभिभावकों की शिकायतें सामने आईं

जानकारी के अनुसार, लंच के बाद कुछ बच्चों की तबीयत खराब होने की शिकायतें मिलीं। इसके बाद कई अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन से संपर्क किया और मामले की जानकारी दी।

स्कूल प्रबंधन का पक्ष

स्कूल की कोऑर्डिनेटर रिचा तिवारी ने बताया कि स्कूल में भोजन और पेयजल की गुणवत्ता को लेकर सभी मानकों का पालन किया जाता है। उन्होंने कहा कि स्कूल की रसोई खुली है और वहां केवल आरओ का पानी उपयोग किया जाता है। अभिभावक चाहें तो कभी भी रसोई का निरीक्षण कर सकते हैं। साथ ही, परिसर में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। रिचा तिवारी के अनुसार, स्कूल को लगभग 30 से 35 अभिभावकों के ईमेल प्राप्त हुए हैं, जिनमें बच्चों की तबीयत खराब होने की जानकारी दी गई है।

खाद्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारी जांच कर रहें है

दीपक चौहान एसडीएम ने बताया कि खाद्य विभाग की टीम अभी जांच कर रही है। कुछ पैक्ड आइटम एक्सपायरी मिले हैं। 100 ज्यादा बच्चों के बीमार होने की सूचना स्कूल प्रबंधन से मिली है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

सोमवार को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें कुछ पेरेंट्स स्कूल में हंगामा करते नजर आ रहे है। कुछ पेरेंट्स कह रहे हैं कि यहां पर स्टाफ के दो से तीन लोग हैं, जबकि इतने सारे पेरेंट्स हैं आप स्थिति को तो समझिए। यहां पेरेंट्स परेशान हो रहे है, इतने सारे पेरेंट्स खड़े हैं। हालांकि ये वीडियो कब का है ये क्लियर नहीं हुआ है।

स्कूल प्रबंधन को 30 से 35 मेल आए हैं

स्कूल प्रबंधन से बात करने पर कॉर्डिनेटर ,रिचा तिवारी ने कहा कि स्कूल में पूरी तरह क्वालिटी पर ध्यान रखा जाता है। यहां कीचन ओपन है और यहां आरओ का पानी ही इस्तेमाल किया जाता है। कीचन को कभी भी कोई भी पेरेंट्स चेक कर सकता है। स्कूल में पूरी तरह सभी जगह सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में है हैं। रिचा तिवारी ने यह भी कहा कि मेल, सुबह स्कूल आए बच्चों की शिकायत और कुछ फोन कॉल मिलाकर अनुमानित 100 से 150 बच्चे हैं, लेकिन टोटल कितनी संख्या है ये कहना मुश्किल है। हमारे लिए अभी डेटा महत्वपूर्ण नहीं है, बच्चे जरूरी हैं।

हमने स्कूल में भी बच्चों को ओआरएस भी दिया है, जिनके फोन आए उन्हें भी कहा। उन्होंने कहा कि कोई आरोप लगाता है तो प्रुफ भी देना चाहिए। यहां तीन हजार बच्चे और सभी को मिलाकर 3800 से ज्यादा लोग है, सभी यहां खाना खाते है। अगर खाने से होता तो केस कुछ ही घंटों में आ जाते। स्कूल प्रबंधन के पास किसी बच्चे के अस्पताल में भर्ती होने की पुष्टि नहीं है।

फिलहाल अभी समासियां का पता नहीं लग पाया है। वॉटर टेस्ट भी कराया गया है। आस्क्रीम जैसे कई और मिलने वाले खाने एवं अन्य खाद्य पदार्थों की एक्सपाइरी डेट भी जांची जा रही , जिससे पता लगे कि बच्चों की तबियत कैसे ख़राब होने लगी।

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