उज्जैन में आज महाकाल की दूसरी सवारी: रजत पालकी में चंद्रमौलेश्वर; हाथी पर मनमहेश नगर भ्रमण पर निकलेंगे

उज्जैन। श्रावण मास के पावन अवसर पर सोमवार को भगवान महाकालेश्वर की द्वितीय सवारी पूरे धार्मिक उल्लास और भव्यता के साथ निकाली जाएगी। बाबा महाकाल अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकलेंगे। सुबह से ही श्री महाकालेश्वर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का दौर जारी है।
मंदिर के सभा मंडप में पुजारियों द्वारा भगवान चंद्रमौलेश्वर की विधि-विधान से पूजा की जा रही है। पूजा पूर्ण होने के बाद भगवान चंद्रमौलेश्वर रजत पालकी में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे, जबकि भगवान मनमहेश हाथी पर सवार होकर नगर भ्रमण करेंगे।

इस बार श्यामू नहीं, सूमा हथिनी रहेगी साथ
महाकाल की सवारी में इस बार एक बदलाव देखने को मिलेगा। पिछले वर्षों में सवारी का आकर्षण रहने वाला हाथी श्यामू इस बार शामिल नहीं होगा। उसकी जगह सूमा हथिनी भगवान मनमहेश को लेकर सवारी में शामिल होगी।

शहर में उत्सव जैसा माहौल
महाकाल की सवारी को लेकर उज्जैन शहर में उत्सव जैसा वातावरण है। सवारी मार्ग पर विशेष सजावट की गई है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए मार्ग पर पहुंच रहे हैं। प्रशासन और मंदिर समिति ने सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए विशेष व्यवस्था की है।
पारंपरिक मार्ग से निकलेगी सवारी
महाकाल की सवारी पारंपरिक मार्ग से निकाली जाएगी। सवारी के दौरान जगह-जगह श्रद्धालु पुष्पवर्षा कर भगवान महाकाल का स्वागत करेंगे। ढोल-नगाड़ों, शंखध्वनि और जय महाकाल के उद्घोष से पूरा उज्जैन शिवमय हो उठा है।
श्रावण मास में निकलने वाली महाकाल की सवारियों का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इन सवारियों के माध्यम से भगवान महाकाल स्वयं अपनी प्रजा के बीच पहुंचकर उनका कुशलक्षेम जानने निकलते हैं। भक्तों में बाबा की एक झलक पाने को लेकर भारी उत्साह बना हुआ है।