सत्य निकेतन हादसे के बाद 3 और इमारतें खाली कराने के आदेश: छात्र सामान लेकर निकल रहे; एक बिल्डिंग में तोड़फोड़ शुरू

नई दिल्ली। सत्य निकेतन में 5 मंजिला PG गिरने से 7 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। आसपास की 3 और इमारतों को खाली कराने के आदेश दिए गए हैं। वहीं, एक जर्जर इमारत को गिराने की तैयारी शुरू हो गई है। इलाके में रहने वाले कई छात्र डर के कारण अपना सामान लेकर PG छोड़ रहे हैं।
अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें PG मालिक हरिराम, उनकी पत्नी उर्मिला, बेटा महेश, लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज और PG संचालक सुधांशु शामिल हैं। सुधांशु का पार्टनर शुभम त्यागी अभी फरार है।

बिल्डिंग नंबर 13 को गिराने की तैयारी
MCD ने बिल्डिंग नंबर 13 को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह इमारत भी निजी हॉस्टल के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी। हादसे के बाद यहां रहने वाले छात्रों को बाहर निकाल दिया गया था।
मंगलवार को MCD और दिल्ली फायर सर्विस की मदद से छात्रों का सामान भी बाहर निकाला गया। बिल्डिंग को धीरे-धीरे और चरणों में गिराया जाएगा। आसपास की इमारतें काफी पास हैं, इसलिए सावधानी से कार्रवाई की जा रही है।

सत्य निकेतन में करीब 300 मकान, 170 में PG
सत्य निकेतन इलाके में करीब 300 मकान हैं। इनमें करीब 170 मकानों में PG चल रहे हैं। 1970 के दशक में दिल्ली यूनिवर्सिटी का साउथ कैंपस शुरू होने के बाद यहां बड़ी संख्या में छात्र रहने लगे। समय के साथ कई मकान PG और निजी हॉस्टल में बदल गए। इलाके की कई पुरानी इमारतें अतिरिक्त मंजिलों का भार उठाने के हिसाब से नहीं बनी हैं। ऐसे में बिना उचित जांच के अतिरिक्त निर्माण सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।

MCD के 5 अधिकारी सस्पेंड
MCD ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार को सस्पेंड किया है। उनके साथ 4 इंजीनियरिंग अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है। साउथ जोन का अतिरिक्त प्रभार IAS अधिकारी शाश्वत सौरभ को दिया गया है। वे अभी साउथ वेस्ट जोन के डिप्टी कमिश्नर हैं।
PG संचालक सुधांशु गिरफ्तार
पुलिस ने बुधवार को PG संचालक सुधांशु को गिरफ्तार किया। वह अपने पार्टनर शुभम त्यागी के साथ अगस्त 2025 में बिल्डिंग लीज पर लेकर PG चला रहा था।
पुलिस ने मंगलवार को लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को उत्तर प्रदेश के कासगंज से पकड़ा था। इससे पहले PG मालिक हरिराम, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस पूछताछ में महेश ने बताया कि सुधांशु और शुभम ने बिल्डिंग लीज पर लेकर PG चलाया था।
हादसे के बाद डर में छात्र, PG छोड़कर जा रहे
सत्य निकेतन हादसे के बाद कई छात्र अपना PG छोड़ रहे हैं। कुछ छात्र सामान लेकर दूसरे इलाकों में जा रहे हैं। मोतिलाल नेहरू कॉलेज की सेकेंड ईयर की छात्रा तमन्ना भी हादसे के समय पास के PG में थी। उसने बताया कि इमारत गिरने के दौरान उसे तेज झटके महसूस हुए। घटना के बाद वह काफी डर गई। उसके PG मालिक ने छात्रों को पास की एक नई इमारत में शिफ्ट करने की बात कही है।

कुछ छात्रों ने इलाका छोड़ने का फैसला किया
कई छात्रों ने अब सत्य निकेतन में वापस नहीं रहने का फैसला किया है। छात्रा अतिक्षा ने बताया कि हादसे के बाद वह काफी डर गई थी। वह रात में ही दोस्त के घर चली गई थी। अब वह अपना सामान लेने PG पहुंची। उसने आगे भी दोस्त के साथ रहने का फैसला किया है।

हादसे के बाद इलाके में कई दुकानें बंद हैं। एक दुकानदार ने बताया कि उसका गोदाम बिल्डिंग नंबर 13 में है। वह अपना सामान दूसरी जगह ले जा रहा है। इलाके में आवाजाही प्रभावित होने से कारोबार पर भी असर पड़ा है। हादसे के बाद पूरे इलाके में लोगों के बीच डर का माहौल है।
पूरी दिल्ली में जर्जर इमारतों की जांच
दिल्ली में जर्जर और खतरनाक इमारतों की जांच तेज कर दी गई है। MCD ने सभी जोन के अधिकारियों को अपने इलाके की इमारतों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सबसे जरूरी है। खासकर उन इलाकों में जांच की जा रही है, जहां बड़ी संख्या में PG और निजी हॉस्टल चल रहे हैं।
PG में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब प्रशासन का फोकस ऐसी इमारतों की पहचान कर जरूरी कार्रवाई करने पर है।