प्रीमियम लिस्टिंग के बाद टूटा सेफ्टी कंट्रोल्स का शेयर, IPO निवेशकों को हुआ नुकसान

ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) सेक्टर में काम करने वाली कंपनी Safety Controls and Devices के शेयरों ने शेयर बाजार में प्रीमियम के साथ एंट्री तो की, लेकिन इसके बाद मुनाफावसूली के दबाव में गिरकर निवेशकों को नुकसान में डाल दिया।
कंपनी के शेयर 80 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले BSE SME Platform पर 3.75 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 83 रुपये पर लिस्ट हुए। लिस्टिंग के बाद शेयर ने तेजी दिखाते हुए 84.40 रुपये का उच्च स्तर भी छुआ, लेकिन इसके बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया।
मुनाफावसूली के चलते शेयर की कीमत गिरकर दोपहर 11:15 बजे तक 79.16 रुपये पर आ गई, जो इश्यू प्राइस से नीचे है। इस तरह IPO निवेशकों को करीब 1.05 प्रतिशत का नुकसान उठाना पड़ा।
कंपनी का 48 करोड़ रुपये का IPO 6 से 8 अप्रैल के बीच खुला था और इसे निवेशकों से अपेक्षाकृत कमजोर प्रतिक्रिया मिली। यह इश्यू कुल 1.28 गुना सब्सक्राइब हुआ, जिसमें रिटेल निवेशकों की भागीदारी खास तौर पर कमजोर रही।
IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी अपने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और सामान्य कॉर्पोरेट कार्यों में करेगी।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में मुनाफे में तेज वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2022-23 में 43 लाख रुपये का शुद्ध लाभ 2023-24 में बढ़कर 4.01 करोड़ और 2024-25 में 8.99 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में जनवरी 2026 तक कंपनी 8.52 करोड़ रुपये का मुनाफा कमा चुकी है।
राजस्व के मामले में भी कंपनी ने उतार-चढ़ाव के बावजूद वृद्धि दर्ज की है। 2022-23 में 49.26 करोड़ रुपये का राजस्व 2023-24 में घटकर 45.70 करोड़ रहा, लेकिन 2024-25 में यह बढ़कर 103.50 करोड़ रुपये हो गया।
हालांकि, कंपनी पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ा है, जो जनवरी 2026 तक 39.18 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके बावजूद कंपनी का नेटवर्थ और रिजर्व लगातार मजबूत हुआ है, जो इसके फंडामेंटल्स को समर्थन देता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर सब्सक्रिप्शन और लिस्टिंग के बाद प्रॉफिट बुकिंग के कारण शेयर पर दबाव आया। ऐसे में निवेशकों को SME IPO में निवेश करते समय जोखिम और बाजार की स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए।






