|

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज विशाखापत्तनम में इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का करेंगी अवलोकन

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज ‘सिटी ऑफ डेस्टिनी’ के नाम से प्रसिद्ध विशाखापत्तनम में आयोजित प्रतिष्ठित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का अवलोकन करेंगी। यह भव्य समुद्री आयोजन समुद्री सहयोग, विश्वास और साझा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मिलन-2026 के साथ ऐतिहासिक आयोजन

भारतीय नौसेना के तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास मिलन-2026 में 70 से अधिक देशों की नौसेनाएं भाग ले रही हैं। इस आयोजन में कुल 71 युद्धपोत शामिल हैं, जिनमें 45 भारतीय नौसेना के और 19 विदेशी मित्र देशों के जहाज हैं। कार्यक्रम की शुरुआत 15 फरवरी को हुई थी और इसका समापन 25 फरवरी को होगा।

राष्ट्रपति सुबह नौ बजे फ्लीट का निरीक्षण करेंगी। वह बंगाल की खाड़ी में स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस सुमेधा पर सवार होकर समुद्र के बीच खड़े नौसैनिक बेड़े का निरीक्षण करेंगी।

आईएनएस विक्रांत बना मुख्य आकर्षण

भारत का स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत इस आयोजन का प्रमुख केंद्र है। इसके माध्यम से भारत अपनी बढ़ती नौसैनिक शक्ति और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है।

कार्यक्रम के दौरान 50 से अधिक लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर फ्लाई-पास्ट कर राष्ट्रपति को सलामी देंगे। आकाश में मिग-29के, एलसीए तेजस, पी-8आई टोही विमान और सी-किंग हेलिकॉप्टरों की गूंज सुनाई देगी। भारतीय नौसेना के विशिष्ट समुद्री कमांडो मार्कोस विशेष युद्ध कौशल का प्रदर्शन करेंगे।

समुद्री कूटनीति का बड़ा मंच

यह आयोजन सैन्य शक्ति के साथ-साथ भारत की समुद्री कूटनीति का भी सशक्त मंच है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘महासागर विजन’ के तहत भारत खुद को हिंद महासागर क्षेत्र में एक जिम्मेदार और विश्वसनीय सुरक्षा प्रदाता के रूप में स्थापित कर रहा है।

देश में फ्लीट रिव्यू की परंपरा 1953 में शुरू हुई थी, जब प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 33 भारतीय जहाजों का निरीक्षण किया था। वर्ष 2016 में भी विशाखापत्तनम में इसका भव्य आयोजन हुआ था।

इस बार का आयोजन विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह दुनिया के सबसे बड़े नौसैनिक अभ्यासों में से एक मिलन-2026 के साथ आयोजित हो रहा है, जो वैश्विक समुद्री सहयोग और सुरक्षा को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।

Share

Similar Posts