वोटर लिस्ट मामले में सुनवाई टली, याचिकाकर्ता ने सोनिया गांधी पर देरी कराने का लगाया आरोप
वोटर लिस्ट मामले में सुनवाई टली, याचिकाकर्ता ने सोनिया गांधी पर देरी कराने का लगाया आरोप
नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्षा सोनिया गांधी के खिलाफ कथित वोटर लिस्ट मामले में सुनवाई एक बार फिर टल गई है। इसके बाद याचिकाकर्ता अधिवक्ता विकास त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि विपक्ष की ओर से जानबूझकर सुनवाई में देरी कराई जा रही है।
अधिवक्ता विकास त्रिपाठी ने न्यायालय परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अदालत के निर्देशानुसार उन्होंने निर्वाचन आयोग से प्राप्त सभी दस्तावेज दाखिल कर दिए हैं, लेकिन इसके बावजूद दूसरी ओर से बहस नहीं की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी के वकील समय कम होने का हवाला देकर बार-बार सुनवाई टाल रहे हैं, जिससे मामले में “तारीख पर तारीख” की स्थिति बन रही है। त्रिपाठी ने यह भी कहा कि आज की सुनवाई में सोनिया गांधी के वकील अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं थे और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
4 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
मामले की सुनवाई दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट के सेशंस कोर्ट में हुई, जहां विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने अगली सुनवाई की तारीख 4 जुलाई तय की है।
इससे पहले 18 अप्रैल को अदालत ने दोनों पक्षों को लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश दिया था। याचिकाकर्ता की ओर से निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट भी अदालत में पेश की जा चुकी है।
क्या है पूरा मामला?
अधिवक्ता विकास त्रिपाठी ने मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा एफआईआर दर्ज करने की मांग खारिज किए जाने के आदेश को सेशंस कोर्ट में चुनौती दी है। इससे पहले 9 दिसंबर 2025 को अदालत ने सोनिया गांधी और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था।
याचिका में दावा किया गया है कि सोनिया गांधी ने भारतीय नागरिकता के लिए अप्रैल 1983 में आवेदन किया था, ऐसे में 1980 की वोटर लिस्ट में उनका नाम दर्ज कराने के लिए कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। याचिकाकर्ता ने अदालत से इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश की मांग की है।
हालांकि, मामले में अभी अदालत द्वारा कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया है और सुनवाई जारी है।






