लाल किला संग्रहालय से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की ऐतिहासिक टोपी गायब, प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने उठाए सवाल

Subhas Chandra Bose से जुड़ी एक ऐतिहासिक धरोहर के गायब होने का मामला सामने आया है। नेताजी के प्रपौत्र Chandra Kumar Bose ने आरोप लगाया है कि Red Fort परिसर में बने नेताजी संग्रहालय से नेताजी की ऐतिहासिक टोपी गायब हो गई है। इस मामले को लेकर उन्होंने सरकार से जांच की मांग की है।

चंद्र कुमार बोस ने गुरुवार रात सोशल मीडिया मंच X पर दावा किया कि उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के साथ यह टोपी स्वयं Narendra Modi को सौंपी थी। प्रधानमंत्री ने 23 जनवरी 2019 को नेताजी की जयंती के अवसर पर इस टोपी को लाल किले के नेताजी संग्रहालय में प्रदर्शित किया था।

उन्होंने बताया कि हाल ही में ‘ओपन प्लेटफॉर्म फॉर नेताजी’ से जुड़े एक अधिवक्ता नवीन बामेल संग्रहालय गए थे। वहां जिस कांच के बॉक्स में नेताजी की टोपी रखी गई थी, वह खाली मिला। इसके बाद जब इस संबंध में Archaeological Survey of India के अधिकारियों से जानकारी मांगी गई, तो उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका।

चंद्र कुमार बोस ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि नेताजी देश के सबसे बड़े नेताओं में से एक हैं और इस तरह किसी ऐतिहासिक धरोहर का गायब होना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप कर जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि यह ऐतिहासिक वस्तु वास्तव में खो गई है, तो इसे नेताजी के प्रति अनादर के रूप में देखा जाएगा।

इसी बीच, Supreme Court of India ने गुरुवार को नेताजी के पार्थिव अवशेष जापान से भारत लाने की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश Surya Kant की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता Abhishek Manu Singhvi ने याचिकाकर्ता आशीष राय की ओर से याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी।

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