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रीवा में कांग्रेस ने डिप्टी CM के पुतले पर बांधी काली पट्टी: भूरिया बोले- मृतक परिवार को 1 करोड़ दो; मंत्री स्वास्थ्य इस्तीफा दें

रीवा। संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा और उसके नवजात शिशु की मौत के बाद कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन जारी है। रविवार को धरना स्थल पर ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया और सतना से कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा पहुंचे। भूरिया ने मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर कहा कि स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे और आदिवासी बच्चों की मौत के पर सभी मृतक के परिवार को एक-एक करोड़ रुपए मुआवजा मिलना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा। भूरिया ने कहा कि सिर्फ डीन को हटाने से काम नहीं चलेगा। स्वास्थ्य विभाग में सामने आ रही घटनाओं की जिम्मेदारी लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री को भी इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।

भूरिया बोले- प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर है 
डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि रीवा में संजय गांधी अस्पताल की व्यवस्था वेंटिलेटर पर है। उन्होंने कहा कि वे खुद डॉक्टर हैं और इसी वजह से अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर यह बात कह रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है और आज अस्पताल जाना भी लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।

उन्होंने कहा है कि आदिवासी और अति पिछड़ी जनजातियों के बच्चों की मौत कुपोषण, टीकाकरण की कमी, राशन नहीं मिलने और मलेरिया व खसरा जैसी बीमारियों के कारण हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि इन मौतों की जिम्मेदारी आखिर किसकी है।

उन्होंने इंदौर के चूहा कांड का भी जिक्र करते हुए अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। भूरिया ने कहा कि अस्पताल में भर्ती बच्चे को चूहे द्वारा कुतरे जाने जैसी घटना गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। उन्होंने शिवपुरी में बच्चों की मौत और एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने के मामले का भी जिक्र करते हुए स्वास्थ्य विभाग की जवाबदेही तय करने की मांग की।

डिप्टी CM के पुतले पर बांधी काली पट्टी
धरना स्थल पर पहुंचकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के पुतले पर काली पट्टी बांधी। इस दौरान हाथ में एक पोस्टर भी दिखाई दिया, जिस पर ‘स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दो’ लिखा था।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और सरकार से जवाब मांगा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज और जरूरी सुविधाएं मिलना सरकार की जिम्मेदारी है।

अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान
स्वास्थ्य व्यवस्था के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने की बात कही है। भूरिया ने सरकार के सामने दो मांगें रखी हैं। पहली मांग स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की है। दूसरी मांग आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में सभी मृतक के परिवार को एक-एक करोड़ रुपए मुआवजा देने की है।

इसके साथ ही उन्होंने कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में न्याय की मांग भी उठाई। भूरिया ने कहा कि जब तक उनकी दोनों मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और वे अपनी लड़ाई लड़ते रहेंगे।

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